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राजस्थान के 33 जिलों को मिलेगा मीठा पानी आएगी 60 हजार करोड़ की लागत

राजस्थान के 33 जिलों में पेयजल की समस्या का होगा समाधान 
27 नवम्बर 2017
जयपुर- सीएम वसुंधरा राजे ने प्रदेश की 10 हजार ग्राम पंचायतों तक सतही स्रोतों से मीठा जल पहुंचाने के लिए 60 हजार करोड़ लागत की परियोजना के लिए केन्द्र से वांछित मदद का आग्रह किया है। राजे ने शनिवार को नई दिल्ली के बीकानेर हाउस में केन्द्रीय पेयजल सचिव और केन्द्र तथा राज्य की विभिन्न एजेंसियों के प्रतिनिधियों के साथ आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में इस परियोजना पर चर्चा की।
सीएम ने कहा कि राज्य के जल संसाधन व पेयजल विभाग और सम्बद्ध एजेंसियों की मदद से एक-एक बूंद पानी को सहेज कर समुचित उपयोग के लिए तैयार की गई इस परियोजना से रेगिस्तान प्रधान राजस्थान की सबसे बड़ी समस्या पेयजल संकट से निजात मिल सकेगी। प्रदेश में खेती पूरी तरह मानसून की वर्षा पर निर्भर है। परिणामस्वरूप यहां इंसानों एवं पशुओं को पीने के पानी तथा किसानों को सिंचाई जल की कमी की विकट समस्या से जूझना पड़ता है।
संयुक्त डीपीआर तैयार
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रस्तावित परियोजना में सतही जल स्रोतों से करीब 92 प्रतिशत और भू-जल स्त्रोतों से मात्र आठ प्रतिशत निर्भरता रखने के लिए राज्य के जल संसाधन एवं पेयजल विभाग ने संयुक्त विस्तृत कार्य योजना (डीपीआर) तैयार की है। दोनों विभाग पीडीकोर एजेंसी तथा केन्द्र सरकार की सहायता से इस योजना को क्रियान्वित करेंगे। इससे राज्य के सभी 33 जिलों में पेयजल की समस्या का स्थायी हल हो सकेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश की इस सबसे बड़ी समस्या का स्थायी हल निकालने के लिए राज्य सरकार ने गंभीर प्रयास किए हैं और मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन योजना को हाथ में लिया है, जिसके अच्छे परिणाम दिख रहे हैं।
rajdarpan11@gmail.com

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