कांग्रेस ने जितना कीचड़ उछाला है, उससे अब कमल का खिलना आसान हो गया है।
27 नवम्बर 2017
भुज- गुजरात में चुनाव प्रचार के लिए नरेंद्र मोदी सोमवार को गुजरात पहुंचे। सबसे पहले उन्होंने आशापुरा देवी के दर्शन किए। उन्होंने लोगों से हाथ भी मिलाया। भुज की रैली में मोदी ने कहा कि ‘एक तरफ विकास है तो एक तरफ वंशवाद। उन्होंने भाजपा के चुनावी चिन्ह कमल का उल्लेख करते हुए कहा, क से कच्छ होता है और क से कमल होता है।‘ उन्होंने कहा, मैं गुजरात की जनता का आशीर्वाद लेने आया हूं और यहां किसानों की मेहनत को सलाम करता हूं। किचड़ उछालने के लिए कांग्रेस का आभारी हूं। कांग्रेस ने जितना कीचड़ उछाला है, उससे अब कमल का खिलना आसान हो गया है। भुज के बाद मोदी गुजरात में 3 रैलियां और करेंगे। इसके बाद वे 29 नवंबर को फिर से प्रचार की कमान संभालेंगे। गुजरात में 9 और 14 दिसंबर को दो फेज में चुनाव हैं। नतीजे 18 दिसंबर को आएंगे।
भुज में मोदी ने कहा, ‘मैंने आशापुरी में मां से आशीर्वाद लिया। गुजरात में 182 सीटों पर चुनाव होने वाले हैं। विपक्ष ने हम पर कीचड़ उछाला। मैं कीचड़ उछालने वालों का दिल से आभार मानता हूं। अब कीचड़ में कमल खिलाना आसान है। गुजरात के कोने-कोने में आशीर्वाद लेने के लिए निकला हूं। कांग्रेस वालों गुजरात तुम्हें कभी माफ नहीं करेगा। सरदार पटेल के जमाने में कांग्रेस ने गुजरात को पीछे धकेला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा गुजरात के प्रति बैर का भाव रखा। 30 साल पहले कोई सोच नहीं सकता था कि यहां मां नर्मदा का पानी मिलेगा। कच्छ में पानी की कमी की वजह से लोगों को पलायन तक करना पड़ा। मोदी ने कहा, ‘विकास हमारी सरकार का मूल मंत्र रहा है। कोई ऐसी कल्पना कर सकता था कि यहां खेती होगी। एक तरफ रेगिस्तान है तो दूसरी ओर पाकिस्तान। आज ये कच्छ कृषि क्षेत्र है। मैं यहां के किसानों के लिए सबसे पहले सॉइल हेल्थ कार्ड स्कीम लेकर आया। हमने कच्छ के रेगिस्तान में केसर खिला दिया। पहले तो केसर जम्मू-कश्मीर में होता था। उन्होंने कहा कि कच्छ को हमने टूरिज्म स्पॉट और हैंडीक्राफ्ट का गढ़ बनाया। अब दुनिया के लोग कहते हैं कि कच्छ नहीं देखा तो कुछ नहीं देखा। एक बार विकास के साथ चलिए, हम वंशवाद को पीछे छोड़ देंगे।
मोदी ने आगे कहा, ‘हम यहां सत्ता के लिए नहीं हैं, हम यहां 125 करोड़ भारतवासियों के लिए हैं। हम भारत को नई ऊंचाइयों पर ले जाना चाहते हैं। कांग्रेस नोटबंदी से नाखुश है। वे मुझपर हमला करते रहते हैं लेकिन मैं उन्हें बताना चाहता हूं... मैं उसी जमीन पर पैदा हुआ हूं जहां सरदार पटेल ने जन्म लिया था। गरीबों को उनका बकाया मिलने का आश्वासन दूंगा। मैं इस देश को लूटने की अनुमति नहीं दूंगा।'
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मोदी ने कहा, उरी और 26/11 को भारत पर हमला हुआ। आप देख सकते हैं कि दोनों हमलों में भारत ने किस तरह प्रतिक्रिया दिया। इससे यह हमारी और उनकी सरकार के बीच का अंतर स्पष्ट होता है। उन्होंने आगे कहा, पाकिस्तान ने अपने एक कैदी को छोड़ दिया तो वो हमारी असफलता की तरह देखा जा रहा है। लेकिन उन्होंने डोकलाम में जो किया, सीधा जाकर चीनी एंबेस्डर को गले लगा लिया था। पीएम ने आगे कहा, मुझसे पूछा गया कि आप अपने भाषण में नेहरु का नाम क्यों नहीं लेते, इसलिए मैंने कांग्रेस नेताओं से उनके पार्टी अध्यक्षों का नाम लिखित तौर पर मांगा लेकिन उन्हें याद नहीं तो जब नाम याद नहीं तो वे गुजरात को कैसे समझेंगे।
गुजरात की जनता कांग्रेस को माफ नहीं करेगी
मोदी ने अपने संबोधन में कहा, ‘पटेल के समय में गुजरात को पीछे करने की कोशिश की गयी। गुजरात की जनता कांग्रेस को माफ नहीं करेगी। गुजरात को लेकर कांग्रेस ने हमेशा बैर भाव रखा। यहां तक की पानी की कमी के कारण लोगों को कच्छ छोड़ना पड़ा था। नेहरु के कार्यकाल में भूकंप को लेकर कोई काम नहीं हुआ। वहीं 2001 के भूकंप में हमने काफी काम किया।‘
मोदी ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि कच्छ की हालत ऐसी थी कि कोई यहां नौकरी करने के लिए भी तैयार नहीं था। कुछ साल पहले कच्छ में भीषण भूकंप आया। अटल बिहारी वाजपेयी जी ने मुझसे कहा कि तुम्हें अब काम करना है। मैं सीएम बना और कच्छ के लोगों की मदद के लिए मैदान में उतर गया।
प्रधानमंत्री के आज के दौरे को देखते हुए यहां पहले से ही जोर-शोर से तैयारियां की गयी हैं। प्रधानमंत्री ने आज होने वाली रैलियों के बारे में ट्वीट करते हुए बताया था, ‘मैं जसदन, धारी और कामरेज में रैलियों को संबोधित करूंगा। सबका साथ, सबका विकास के नारे के साथ हम गुजरात को विकास की नई उंचाइयों तक ले जाने को प्रतिबद्ध हैं।‘
बता दें कि सोमवार को वे कच्छ और सौराष्ट्र क्षेत्र में चार सार्वजनिक सभा को संबोधित करेंगे। तीसरी रैली को वे छलाला-धारी रोड पर गायत्री मंदिर मैदान में संबोधित करेंगे और अंतिम संबोधन कादोदरा आंकडामुखी हनुमानजी मंदिर में होगा। इसके बाद वे वापस दिल्ली लौट जाएंगे। दूसरे चुनावी प्रचार के लिए वे बुधवार को वापस गुजरात आएंगे।
गुजरात में नई सरकार चुनने के लिए दो चरणों में 9 व 14 दिसंबर को मतदान संपन्न होंगे। वोटों की गिनती 18 दिसंबर को होगी।





