भूकंप के झटकों से दहला पश्चिमी राजस्थान घरों से बाहर भागे लोग
18 नवम्बर 2017
जोधपुर - सूर्यनगरी जोधपुर व आस पास के इलाकों में भी शनिवार दोपहर को भूकम्प के झटके महसूस किए गए। इससे क्षेत्रवासियों में दहशत का माहौल बन गया। भूकम्प के कारण घरों में बैठे लोगों को धरती में कंपन्न महसूस हुए और घरों में रखे बर्तन व खिड़की-दरवाजे खड़कने की आवाज आई। ऐसे में जैसे ही लोगों को एहसास हुआ कि यह भूकम्प की वजह से हो रहा है। तो वे अपने घरों से बाहर आ गए। वहीं, काफी लोगों की समझ में ही नहीं आया कि ऐसा क्यों हो रहा है। हालांकि जोधपुर में भूकम्प से झटकों की तीव्रता काफी हल्की रही। जिस कारण किसी प्रकार के नुकसान की सूचना नहीं है।
जोधपुर शहर में भूकम्प के झटके महसूस किए गए। वहीं ग्रामीण इलाकों बिलाड़ा, आगोलाई व लूणी आदि क्षेत्रों में आए भूकंप के झटकों से घरों में रखी हुए वस्तुएं हिलती नजर आई। लोग कुछ समझ पाते तब तक कम्पन तेज हो गया। यह कम्पन करीब 3.30 बजे महसूस किया गया। कुछ सेकेंड्स के लिए आए इस भूकंप की पुष्टी पुलिस ने भी की है। जैसे ही लोगों को आभास हुआ कि ये भूकम्प के झटके हैं। तो लोग आनन-फानन में घरों से निकलकर बाहर खुले स्थान की तरफ भागे। भूतल पर रहने वाले लोगों को इनका असर कम महसूस हुआ। लेकिन तीसरी-चौथी मंजिल पर मौजूद लोगों को इनके झटके ज्यादा महसूस हुए। सड़कों और गली मोहल्ले में एकत्र लोग सिर्फ भूकम्प के चर्चा करते नजर आए।
कई स्थानों पर लोग वापस अपने घरों में जाने में समय लगा रहे थे। जब तक वे पूर्ण रूप से संतुष्ट नहीं हुए। तब तक घरों में नहीं गए। बताया जा रहा है कि भूकंप का केंद्र अरुणाचल प्रदेश बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.6 बताई जा रही है। वहीं जोधपुर में इसकी तीव्रता 4.2 बताई गई है। इस कारण पूरे उत्तर भारत में भूकम्प के झटके महसूस किए गए। भूकम्प का केन्द्र जोधपुर से काफी दूर होने के कारण यहां पर इसकी तीव्रता काफी कम रही। जिससे किसी भी प्रकार के जान-माल का नुकसान नहीं हुआ।





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