नीलम को धारण करने वाला कभी नहीं होता है गरीब, जाने!!
23 नवम्बर 2017
अक्सर लोग पैसा पाने के लिए वास्तु के कई उपाय करते है फिर भी उन्हें सफलता नहीं मिलती है। ऐसा कभी कभी ग्रह दोष के कारण भी होता है। आज हम आपको बताते है की ग्रह दोष को दूर करके कैसे धनवान बन सकते है।
शनि ग्रह का रत्न नीलम है। इसे नील, नीलमणि व हिन्दी में नीलम और इंग्लिश में सैफायर कहते हैं। कुंडली में मकर या तुला राशि में शनि हो तो व्यक्ति धनी और सुखी रहता है। यदि कुंडली के प्रथम भाव में शनि हो तो व्यक्ति के जीवन में धन की कमी रहती है। शनि के अशुभ फल दूर करने के लिए नीलम धारण करना चाहिए।
इस तरह करे नीलम धारण - नीलम 3, 5, 7, 9 या 12 रत्ती का लोहे अथवा सोने की अंगूठी में जड़वाकर शुक्ल पक्ष के शनिवार को पुष्प, उभा, चित्रा, धनिष्ठा या शतभिषा नक्षत्र में धारण करना चाहिए। ध्यान रखें किसी विशेषज्ञ ज्योतिषी से अपनी कुंडली अध्ययन करवाने के बाद ही नीलम धारण करना चाहिए।
नीलम धारण करने से क्या होता है लाभ - नीलम धारण करने से धन, यश, प्रसिद्धि, जॉब, व्यवसाय और वंश में वृद्धि होती है। औषधि के रूप में नीलम से दमा, क्षय, कुष्ठ रोग, खांसी, नेत्र रोग, मस्तिष्क के विकारों में भी लाभ होता है। ऐसा करने से धन की कभी भी कमी नहीं है।





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