दस्तावेजों के सत्यापन के बाद संस्कृत शिक्षा विभाग शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू
23 नवम्बर 2017
जयपुर- संस्कृत शिक्षा मंत्री श्रीमती किरण माहेश्वरी ने कहा कि सरकार संस्कृत शिक्षा के उन्नयन के हरसंभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि इसी कड़ी में संस्कृत शिक्षकों के 2400 रिक्त पदों में से लेवल प्रथम के 1829 पदों का विज्ञापन 13 अक्टूबर, 2017 को जारी कर राजकॉम के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन पत्र मांगे गए। इनकी न्यूनतम योग्यता एसटीसी के साथ रीट या आर टेट में प्राप्तांक 60 प्रतिशत रखी गई थी।
उन्होंने कहा कि विभाग को कुल 32 हजार 772 अभ्यर्थियों के आवेदन पत्र प्राप्त हुए। विभाग ने 21 नवंबर अस्थायी वरीयता की कट ऑफ जारी कर दी है और कट ऑफ तथा अस्थायी वरीयता सूची के सम्बन्ध में 30 नवंबर, 2017 तक आपत्तियां भी मांगी गई है। नियुक्ति की सम्पूर्ण प्रक्रिया पारदर्षितापूर्ण है।
श्रीमती माहेश्वरी ने कहा कि 4 से 15 दिसंबर, 2017 तक प्रमाण पत्र और अंकतालिकाओं के सत्यापन के लिए अभ्यर्थियों को बुलाया गया है। सत्यापन के बाद स्थायी वरीयता सूची जारी कर नियुक्तियों की कार्यवाही प्रारम्भ कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि लेवल द्वितीय के 571 अध्यापकों के पदों पर भर्ती की कार्यवाही भी शीघ्र ही की जाएगी। इनकी न्यूनतम योग्यता बी.एड. के साथ रीट या आर टेट में प्राप्तांक 60 प्रतिशत रखी गई है।
उन्होंने कहा कि राजस्थान लोक सेवा आयोग के माध्यम से सीधी भर्ती द्वारा भरे जाने वाले प्राध्यापक (विभिन्न विषय) के 134 पद, प्रधानाध्यापक (प्रवेशिका) के 42 एवं वरिष्ठ अध्यापक (विभिन्न विषय) के 690 पदों की भर्ती राजस्थान लोक सेवा आयोग के स्तर पर प्रक्रियाधीन है। इस प्रकार संस्कृत शिक्षा विभाग (विद्यालय शाखा) सीधी भर्ती के विभिन्न संवर्गों के सभी पदों की पूर्ति कर जीरो पेंडेंसी की ओर बढ रहा है।




