बजरी के खनन पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक.
16 नवम्बर 2017
जयपुर - सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान में बजरी के 41 ब्लाक्स से खनन पर तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी है। इस आदेश को सख्ती से लागू करने के लिए प्रदेश सरकार को आदेश किया है। ये ब्लाक बिना पर्यावरण स्वीकृति के ही चलाए जा रहे थे। इससे सीधे तौर पर राज्य में निर्माण गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लग जाएगी। केवल 12 ऐसी ब्लाक बचेंगे, जहां से बजरी खनन हो पाएगा।
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| सुप्रीम कोर्ट |
खान विभाग के अफसरों के अनुसार 2013 में राज्य में बजरी की 105 लीजें थीं। एनजीटी के आदेश के बाद पांच साल पहले 23 बजरी की लीज बंद करा दी गई थीं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 82 बजरी लीज के लिए पर्यावरण स्वीकृति के लिए आवेदन किया गया। 82 में से भी केवल बजरी की 27 लीज कई साल से बंद हैं। सात माह पहले ही खान विभाग ने इन लीजों को निरस्त कर दिया था। साथ ही इसके लिए नए सिरे से नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। ऐसे में बजरी के 53 ब्लाक से खनन किया जा रहा था। 53 में से 12 ब्लाक ही ऐसे हैं जिसके लिए केंद्र से पर्यावरण स्वीकृति मिली थी। इसके अलावा 41 बजरी के ब्लाक बिना पर्यावरण स्वीकृति के चलाए जा रहे थे। याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 41 बजरी के ब्लाकों पर रोक लगा दी है।





