पुलिस पर नजर रख लॉरेंस गैंग करती रही कांड, शूटर हरेंद्र के मोबाइल से मिली इन जानकारियां से उड़े पुलिस वालों के होश
27 नवम्बर 2017
जोधपुर - रंगदारी के लिए शहर के नामचीन लोगों के घर व व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर फायरिंग कर दहशत फैलाने व पुलिस की नाक में दम करने वाली लॉरेंस गैंग फरारी के दौरान पुलिस की हर गतिविधि पर नजर रखे हुए थी। वारदात के फरार होने के बाद पुलिस व समाचार पत्रों में प्रकाशित समाचारों से पुलिस के मूवमेंट और लोगों की प्रतिक्रिया जानने की कोशिश में थे। शूटर हरेन्द्र उर्फ हीरा से जब्त मोबाइल में समाचार पत्रों की कटिंग पुलिस के हाथ लगी है।पुलिस के अनुसार आठ महीने फरार रहने के बाद 18 अक्टूबर को गांधीनगर से मुख्य आरोपी हरेन्द्र उर्फ हीरा जाट पकड़ा गया था। उसके ठिकानों से पुलिस ने कई मोबाइल बरामद किए थे। इन मोबाइल से कई चौंकाने वाली जानकारी पुलिस को मिली। इनमें फायरिंग व इनसे जुड़े समाचारों की कई कटिंग शामिल है। शहर से फरार होने के बावजूद हरेन्द्र तक फायरिंग से जुड़े समाचार मोबाइल के मार्फत पहुंच रहे थे। पुलिस को अंदेशा है कि उनके स्थानीय साथी हरेन्द्र तक यह जानकारी पहुंचा रहे थे। पुलिस को अंदेशा है कि इनके मार्फत वे शहर व पुलिस की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थे। इसके अलावा उसके मोबाइल में कई लोगों के मोबाइल नम्बर भी मिले हैं।
![]() |
जेल पहुंचने के बाद भी चौकन्नी है पुलिस
रंगदारी के लिए फायरिंग व मोबाइल व्यवसायी वासुदेव इसरानी की हत्या के मामलों में अब तक ढाई दर्जन से अधिक आरोपी पकड़े जा चुके हैं। एक युवक को छोड़ शेष न्यायिक अभिरक्षा में है। पुलिस कमिश्नर अशोक राठौड़ का कहना है कि जेल की सलाखों में पहुंचने के बावजूद लॉरेंस के गुर्गों को लेकर पुलिस अलर्ट हैं। उन्हें पेशी पर कोर्ट व अस्पताल लाने ले जाने तक पुलिस मॉनिटरिंग कर रही है। जेल से बाहर लाने व वापस जेल पहुंचाने के लिए पुलिस की चयनित गार्ड लगाई जा रही है। ताकि इनके फरार होने की साजिश को नाकाम किया जा सके।
दस गुर्गों को हथकड़ी लगाने की अनुमति, शेष का इंतजार
लॉरेंस के गुर्गों को पेशी पर कोर्ट लाने के अलावा अन्य कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के लिए जेल से बाहर लाने को लेकर पुलिस आशंकित है। एेसे में पुलिस ने लॉरेंस के दस गुर्गों को हथकड़ी लगाने की अनुमति कोर्ट से ली है, जबकि शेष को हथकड़ी लगाने के आवेदन कोर्ट में लम्बित है।





