अटल के बाद मोदी सरकार का
इकोनॉमी में जलवा, 13 साल बाद
मूडीज ने बढ़ाई रेटिंग
17 नवम्बर 2017
नई
दिल्ली - नोटबंदी
और अन्य निर्णयों को लेकर विपक्ष भले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कितनी भी
आलोचना कर रहा हो, लेकिन एक
हालिया सर्वेक्षण के अनुसार केन्द्र सरकार के तीन साल पूरा होने पर लोगों के बीच
उनकी लोकप्रियता में कोई कमी नहीं आई है।
अमेरिका
के प्यू रिसर्च सेंटर के इस सर्वेक्षण के नतीजों से पता चला है कि देश में 2014 में
सत्ता संभालने के बाद से मोदी की लोकप्रियता में अभी तक कोई कमी नहीं आयी है।
सर्वेक्षण की रिपोर्ट के अनुसार,
5 साल के चुनी गयी मोदी सरकार के तीन वर्ष पूरा होने पर भले ही हनीमून
काल समाप्त हो गया हो, लेकिन
लोगों का श्री मोदी के प्रति प्यार बढ़ता ही जा रहा है।
इस वर्ष 21 फरवरी से 10 मार्च के बीच प्रधानमंत्री
का लोकप्रियता का अनुमान लगाने के लिए किये गए इस अध्ययन में सामाजिक-आर्थिक
नीतियों पर नागरिकों की राय ली गयी। कुल 2464 लोगों के इस सर्वेक्षण में देश के हर हिस्से से हर
आयु वर्ग के लोगों से बातचीत की गई। लोगों की सामूहिक राय थी कि तमाम विवादों के
बावजूद लोकसभा चुनावों के समय मोदी की लोकप्रियता जिस स्तर पर थी, वह आज भी बरकरार है।
रिपोर्ट
के अनुसार, पश्चिमी
और दक्षिण भारत में श्री मोदी की लोकप्रियता में बढ़ोतरी दर्ज की गयी है। उत्तर
भारत में यह जस की तस बनी हुई है। वहीं पूर्वी भारत में इसमें कुछ कमी दर्ज की गयी
है। कुल मिलाकर प्रत्येक 10 में सात
व्यक्ति देश के वर्तमान स्थिति से खुश हैं।
सर्वेक्षण
के अनुसार भारतीय मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों से खुश हैं। प्रत्येक 10 में से आठ लोग देश की
आर्थिक स्थिति को बेहतर मानते हैं। करीब 30 प्रतिशत लोगों ने आर्थिक स्थिति को बहुत अच्छा बताया है जबकि तीन साल
पहले आर्थिक स्थिति को
बहुत अच्छा बताते वालों की संख्या महज 10 फीसदी थी। प्रत्येक 10 में से सात भारतीय ने सरकार
के गरीबी, बेराजगारी, आतंकवाद और भ्रष्टाचार पर
उठाये गए कदमों की सराहना की।
सर्वेक्षण
में शामिल 79 प्रतिशत
लोग लोकतंत्र की वर्तमान कार्यप्रणाली से संतुष्ट हैं। वहीं 33 प्रतिशत बहुत संतुष्ट हैं।
दिलचस्प बात यह है कि कांग्रेस को वोट देने वालों में से 65 प्रतिशत लोगों ने भी भारतीय लोकतंत्र की वर्तमान स्थिति पर संतोष
जाहिर किया है। वहीं अंतर्राष्ट्रीय नेताओं एवं अन्य देशों से मोदी के संबंधों के बारे
में लगभग एक तिहाई लोगों ने कोई राय व्यक्त नहीं की।
वहीं
देशों को क्रेडिट रेटिंग देने वाली अमेरिकी संस्था मूडीज ने सम्प्रभु देशों की
रेटिंग में भारत के स्थान में सुधार करते हुए उसे 'बीएए2' कर दिया है। मूडीज का यह कदम भारत के लिए बड़ा सकारात्मक है। बता दें
कि मूडीज ने 13 साल के
बाद भारत की क्रेडिट रेटिंग में सुधार किया है। इससे पहले साल 2004 में इस
संस्था ने भारत की क्रेडिट रेटिंग में सुधार करते हुए उसे 'बीएए3' किया था। मूडीज के इस नई
रेटिंग से शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजारों में भी उछाल देखने को मिला।





