बीदासर । धर्म संघ की संथारे रहित शासन श्री साध्वी भाग्यवती 80 वर्षिय का शनिवार को प्रात: 7 बजे तेरापंथ भवन समाधी केन्द्र मे देवलोक गमन हो गया। साध्वी भाग्यवती ने गुरूवार को केन्द्र व्यवस्थापिका शासन श्री साध्वी बसंत प्रभा व पुण्य प्रभा ने आचार्य महाश्रमण की आज्ञानुसार दोपहर 12:35 पर चौविहार संथारे का प्रत्याख्यान करवाया था। साध्वी पिछले सात वर्ष से समाधी केन्द्र मे स्थिरवास थी। साध्वी का जन्म बाव गुजरात प्रान्त के पारख ओसवाल परिवार मे हुआ। पिता का नाम मोहनलाल व माता का नाम मैना देवी था। साध्वी ने 16 वर्ष की आयु मे आचार्य श्री तुलसी से सवंत 2015 मे कानपुर मे दिक्षा ग्रहण की। दिक्षीत होने के बाद साध्वी 10 महिनो तक गुरूकुलवास मे रही। सवंत 2040 मे साध्वी भाग्यवती का सिघांडा बना दिया। उन्होने राजस्थान गुजरात पंजाब हरियाणा महाराष्ट्र की यात्राएँ की व संघ की खुब प्रभावना की। आचार्य महाश्रमण ने फरमाया की बाव की प्रथम दिक्षा साध्वी भाग्यवती की हुई। इनकी दिक्षा के बाद 28 दिक्षाएँ बाव की हुई। आचार्य महाश्रमण ने बाम मे अक्षय तृतीया महोत्सव के अवसर पर शासन श्री सम्बोधन से अलंकृत किया। साध्वी की अन्तिम यात्रा शनिवार को बैकुन्ठी मे तेरापंथ भवन से गाजे बाजे व जुलुस के साथ कस्बे के प्रमुख मार्गो से होते हुये मुक्ति धाम पहुँची। जहाँ साध्वी के संसार पक्षिय परिवार जनो ने मुखाअग्नि दी। साध्वी की अन्तिम यात्रा मे तेरापंथ सभा के उपाध्यक्ष दानमल बांठिया, पूर्व अध्यक्ष सम्पत मल बैद, व्यवस्थापक रवि सैखानी, मालचन्द कौठारी, मंत्री अजित बैगानी,तेरापंथ महिला मण्डल की अध्यक्षा शांतिदेवी बांठिया व कन्या मण्डल की बहने, बाव, सुरत, मुम्बई, अहमदाबाद, पंजाब, गुजरात सहित आप पास के अनेक लोगो ने भाग लिया। शुक्रवार की देर शाम पहूँचे क्षेत्रिय विधायक खेमाराम मेघवाल ने भी शासन श्री भाग्वती के दर्शन किये तथा नशामुक्त जीवन जीने का संकल्प किया। केन्द्र व्यवस्थापिका साध्वी बसंत प्रभा ने कहा कि साध्वी भाग्वती सोभाग्यशालि है। जिसे उत्साह के साथ तेरापंथ धर्म संघ मे दीक्षित हुई उत्कृष्ठ साधना की तथा 80 वर्षकी उम्र मे अनशन स्वीकार कर के अन्तिम मनोरथ को पूर्णकर इस संसार से विदा हो गई। साध्वी ने कहा कि मानव जीवन मिलना मुश्किल है पर वे व्यक्ति भाग्यशाली होते है जिनको मानव जीवन के साथ सच्चा धर्म मिलता है।
Rajasthan Darpan News
Bidasar
News
Rajasthan Darpan
Rajasthan News
जैन साध्वी भाग्यवती का देवलोक गमन





