09 दिसम्बर 2017
नासिक । महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का हेलिकॉप्टर आज शनिवार को यहां से उड़ान भरते ही डगमगाने लगा। इसके बाद पायलट ने इसे नीचे उतार लिया। बताया जा रहा है कि ओवरलोड होने की वजह से ऐसा हुआ था। बता दें कि इस साल यह तीसरा मौका है जब फडणवीस का हेलिकॉप्टर हादसे का शिकार होने से बचा है। इससे पहले रायगढ़ और लातूर में भी ऐसा ही हुआ था।
सीएम ऑफिस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि चॉपर में 6 लोगों के बैठने की कैपेसिटी थी। फ्यूल इश्यूज होने की वजह से पायलट ने सिर्फ 4 लोगों को बैठने की मंजूरी दी। टेक ऑफ के बाद सेफ्टी को ध्यान में रखते हुए हेलिकॉप्टर को फिर से लैंड करवाया गया और इसमें से एक शख्स को उतार दिया गया। यह एक रुटीन प्रैक्टिस है। यह कोई बड़ा इशू नहीं है। सीएम ने आगे के सारे कार्यक्रम इसी हेलिकॉप्टर से कवर किए।
उड़ान के बाद समझ आई खामी
टेकऑफ के बाद हेलिकॉप्टर हवा में झूलता रहा। जब वह आगे नहीं बढ़ा तो पायलट ने इसे लैंड कर दिया। सीएम के सचिव को नीचे उतारकर सिर्फ तीन लोगों के साथ इसने उड़ान भरी।
अब सवाल उठ रहा है कि हेलिकॉप्टर में फ्यूल का इशू होने और ओवरलोड होने की बात उड़ान भरने के बाद क्यों समझ आई।
सीएम के साथ इस हेलिकॉप्टर में महाराष्ट्र के वॉटर रिसोर्स मिनिस्टर गिरीश महाजन भी थे। दोनों नासिक से औरंगाबाद जा रहे थे।
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| फाईल फोटो |
25 मई को सीएम फडणवीस के चॉपर की लातूर में क्रैश लैंडिंग हुई थी। वे निलंगा में सूखा राहत का जायजा लेने गए थे। वापसी में उन्होंने जैसे ही लातूर के लिए उड़ान भरी, तेज हवा की वजह से हेलिकॉप्टर डिसबैलेंस हो गया। पायलट ने इसे नीचे उतारना चाहा तो यह बिजली के तार से टकराता हुआ जमीन पर आ गिरा। इसी साल जुलाई में रायगढ़ में भी कुछ ऐसा ही हुआ था। सीएम हेलिकॉप्टर में बैठने ही वाले थे कि अचानक इसने उड़ान भर दी। सिक्युरिटी गार्ड ने सीएम को बचाया। इसके बाद हेलिकॉप्टर हवा में झुक गया। फिर इसकी लैंडिंग कराई गई और सीएम इसी हेलिकॉप्टर से रवाना हो गए।





