Breaking News
recent

प्रवचन सुनाने के साथ कॉलेज जाती हैं ये साध्वी, 21 साल की उम्र में लाखों फॉलोवर्स

सुजानगढ़। राजस्थान के चुरू जिले के सुजानगढ़ की रहने वाली 21 साल की जया किशोरी जब बोलती हैं तो उन्हें सुनने के लिए लाखों लोग दूर-दूर से आते हैं। जया किशोरी ने केवल 21 साल की उम्र में अपनी कथाओं और कीर्तन से अपनी लम्बी फॉलोअर लाइन बना ली है। जया किशोरी ने इतनी कम उम्र में जया से साध्वी जया किशोरी बन चुकी हैं


छोटी उम्र में ही बना ली थी लाखों भक्तों के मन में अपनी जगह
जया किशोरी का जन्म कोलकाता में एक गौड़ ब्राह्मण परिवार में हुआ। उन्होंने कोलकाता के महादेवी बिरला सेकेंडरी हाईस्कूल से 12वीं पास की। जया किशोरी 5 साल की उम्र से कथा-वाचन कर रही हैं। 9 वर्ष की आयु मे ही संस्कृत में लिंगाष्टकम्शिव-तांडव स्तोत्रम्रामाष्टकम्मधुराष्टकम्श्रीरुद्राष्टकम्शिवपंचाक्षर स्तोत्रम्दारिद्रय दहन शिव स्तोत्रम् आदि कई व 10 साल की छोटी उम्र में जया ने सुन्दरकाण्ड गाकर लाखों भक्तों के मन में अपनी जगह बनाई थी।

जया किशोरी को बचपन में राधा कहकर बुलाया जाता था। भक्तों ने उन्हें किशोरी नाम दे दिया। वह जब से कार्यक्रम करने लगीं तो सभी साध्वी जया किशोरी कहने लगे। जया किशोरी के दादाजी और दादीजी के साथ रहने और भक्ति का माहौल होने से बचपन में ही भगवान कृष्ण के लिए उनके मन में प्रेम जागृत हो गया। जया किशोरी 'नानी बाई का मायरा, नरसी का भात' कार्यक्रम करती हैं।

जया किशोरी 5 साल की उम्र में ही ठाकुर जी के आगे भजन गाने लगी थीं। बताया जाता है कि गायक कुमार विशु गाना चल रहा था, "कभी प्यासे को पानी पिलाया नहीं...।" जिसे सुनकर जया भी गुनगुनाने और नाचने लगीं। इसके बाद से उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।  

इन सभी बातों पर देती है विशेष जोर 
जया किशोरी भ्रूण हत्या को सबसे बड़ा जघन्य अपराध मानती हूँ और अपनी कथा में सभी लोगों से प्रार्थना करती हैं कि ऐसा जघन्य अपराध न करें। वृद्ध आश्रमों की बढ़ती हुई संख्या को देखते हुए इसे समाज के पतन का कारण मानती है। गो- हत्या का हम सख्ती से विरोध करते हैं। गो- हत्या हमारे देश ओर समाज पर कलंक हैं। अपने प्रवचनों में इन सभी बातों पर विशेष जोर देती है । 

Anonymous

Anonymous

Powered by Blogger.