बीदासर । नगरपालिका मण्डल बीदासर की बुधवार को आयोजित की गई बजट बैठक कोरम के अभाव के कारण स्थगित करनी पड़ी। दो घण्टे तक के लम्बे इन्तजार के पश्चात् भी पालिकाध्यक्ष सहित मात्र आठ ही पार्षदों ने उपस्थिति दर्ज करवाई। जिसके कारण वर्ष 2018-19 का 34 करोड़ 80 लाख का बजट प्रस्ताव सहित अन्य प्रस्ताव भी धरे के धरे रह गये ।
25 सदस्यों वाली नगरपालिका की बैठक में कोरम पूरा करने के लिए 9 सदस्यों की जरूरत पड़ती है। बीदासर नगरपालिका के इतिहास में यह पहला वाकया है कि करीब सवा महिने के अन्तराल में कोरम के अभाव में लगातार दुसरी बार बैठक स्थगित करनी पडी है। जो पालिकाध्यक्ष की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न है। बड़ी विडम्बना की बात है कि सत्तापक्ष के पार्षद ही पालिकाध्यक्ष पर लम्बे समय से भ्रष्टाचार व भेदभाव का आरोप मुखर होकर लगाते आ रहे है। पालिकाध्यक्ष व पार्षदों के बीच भारी मतभेद व असन्तोष होने के बावजूद भी क्षेत्रिय विधायक व भाजपा संगठन के उच्च अधिकारी आंखे बन्द करके बैठे है जिसके कारण आने वाला समय और भी ज्यादा समस्या भरा हो सकता है।
इनका कहना है -
प्रतिपक्ष के नेता पोकरमल सुथार ने कहा के खालिद बल्खी ने जब से पालिकाध्यक्ष का पदभार संभाला है तब से ही अल्पमत में है। पालिकाध्यक्ष अपने पार्षदों को विश्वास में लेकर चलने में सक्षम नही है। पार्षदो का विश्वास खो दिया है। बल्खी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में दो जांच चल रही है। नैतिकता के नाते अपने पद से त्याग पत्र दे देना चाहिए।
सहवृत सदस्य डूंगरमल सिंघी का कहना है कि पालिका अध्यक्ष अपने पार्षदों को विश्वास में लेकर नही चलते व भेद भावपूर्ण व्यवहार करते है। पार्षद क्षुब्द व दु:खी है, पार्षदों में भारी असंतोष व्याप्त है। इसके चलते ही लगातार दूसरी बार कोरम के अभाव में बैठक स्थगित करनी पड़ी है।
भाजपा पार्षद मेराजउलहसन छींपा के पालिकाध्यक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा है कि पालिकाध्यक्ष अपने ही पार्षदों में विश्वासघात खो चुका है। कार्यशेैली भ्रष्टाचार युक्त है भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में जांच लम्बित है, नैतिकता के आधार पर अब अपने पद से त्याग पत्र दे देना चाहिए।
पलिकाध्यक्ष खालिद बल्खी का कहना है कि मुझ पर जो आरोप लगाये जा रहे है। वो निराधार है आरोप लगाना उनका काम है।





