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आज का पंचांग 31 मई 2018

ज्योतिष पं. गुलशन अग्रवाल

राष्ट्रीय मिति ज्येष्ठ 10 शक संवत् 1940, ज्येष्ठ कृष्ण द्वितीया बृहस्पतिवार, विक्रम संवत् 2075। सौर ज्येष्ठ मास प्रविष्टे 18, रमजान 15, हिजरी 1439 (मुस्लिम) तदनुसार अंग्रेजी तारीख 31 मई सन् 2018 ई॰। उत्तरायण, उत्तर गोल, ग्रीष्म ऋतु।

राहुकाल अपराह्न 1 बजकर 30 मिनट से 3 बजे तक। द्वितीया तिथि रात्रि 11 बजकर 25 मिनट तक उपरांत तृतीया तिथि का आरंभ, मूल नक्षत्र सूर्योदय से अगले दिन प्रातः 5 बजकर 53 मिनट तक उपरांत पूर्वाषा-सजय नक्षत्र का आरंभ, साध्य योग सायं 6 बजकर 2 मिनट तक उपरांत शुभ योग का आरंभ, तैतिल करण पूर्वाह्न 10 बजकर 25 मिनट तक उपरांत वणिज करण का आरंभ।

आज के मुहर्त - अनुकूल समय मे पशुधन की खरीदी बिक्री करने के लिए शुभ मुहूर्त है।

चंद्रमा दिन रात धनु राशि पर संचार करेगा। आज ही बुध रोहिणी नक्षत्र में अर्धरात्रोत्तर 3 बजकर 54 मिनट, शुक्र पुनर्वसु नक्षत्र में अपराह्न 3 बजकर 8 मिनट, गण्डमूल विचार।

आज के जन्में बच्चें
आज जन्म लिए बच्चों के नाम (ये, यो, भ, भी) अक्षरों पर रख सकते है। आज जन्म लिए बच्चे की मूलशांति अवश्य कराएं। ऐसे जातक शरीर से मध्यम होंगे। मानव धर्म के उपासक होंगे। धनसंपदा से परिपूर्ण होंगे। विज्ञान विषय में पारंगत होंगे।

पंचांग क्या है

पंचांग या पंचागम् हिन्दू कैलेंडर है जो भारतीय वैदिक ज्योतिष में दर्शाया गया है। पंचांग मुख्य रूप से 5 अव्यवों का गठन होता है, अर्थात् तिथि, वार, नक्षत्र, योग एवं करण। पंचांग मुख्य रूप से सूर्य और चन्द्रमा की गति को दर्शाता है। हिन्दू धर्म में हिन्दी पंचांग के परामर्श के बिना शुभ कार्य जैसे शादी, नागरिक सम्बन्ध, महत्वपूर्ण कार्यक्रम, उद्घाटन समारोह, परीक्षा, साक्षात्कार, नया व्यवसाय या अन्य किसी तरह के शुभ कार्य नहीं किये जाते ।जैसा कि प्राचीन समय से बताया गया है कि हर क्रिया के विपरीत प्रतिक्रिया होती है। इसी तरह जब कोई व्यक्ति पर्यावरण के अनुरूप कार्य करता है तो पर्यावरण प्रत्येक व्यक्ति के साथ समान तरीके से कार्य करता है। एक शुभ कार्य प्रारम्भ करने से पहले महत्वपूर्ण तिथि का चयन करने में हिन्दू पंचांग मुख्य भूमिका निभाता है। पंचांग एक निश्चित स्थान और समय के लिये सूर्य, चन्द्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति को दर्शाता है। संक्षेप में पंचांग एक शुभ दिन, तारीख और समय पे शुभ कार्य आरंभ करने और किसी भी तरह के नकारात्मक प्रभाव को नष्ट करने का विचार प्रदान करता है।

 



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