जोधपुर। बहुचर्चित एएनएम भंवरी देवी अपहरण व हत्याकांड के मामले में बुधवार को एससी एसटी कोर्ट में सुनवाई हुई। आपको बता दें कि छह साल पुराने भंवरी देवी हत्याकांड की जांच कर रही सीबीआई ने दावा किया था कि राजीव गांधी लिफ्ट नहर से जो जली हुई हड्डियां बरामद हुई थीं, वे भंवरी देवी की ही थीं, लेकिन एसएफएल इन हड्डियों से डीएनए निकालने में नाकाम रहा था। इसलिए सैंपल अमरीका स्थित एफबीआई को भेजे गए थे। वहां से रिपोर्ट मिलने के बाद ही यह तय हो पाया था कि नहर में मिली हड्डियां भंवरी देवी की ही थीं। वही कोर्ट के समक्ष सीबीआई ने जालोड़ा नहर से बरामद की गई भंवरीदेवी की हडि्डयां व अन्य सामान को एक बंद बक्से में पेश किया। सीबीआई के अफसर जब पेशी के दौरान एक बड़ा बक्सा लेकर आए थे, सबके मन में उत्सुकता दिखी कि आखिर इस बड़े बक्से में क्या है। सीबीआई ने एक बड़ा बक्सा व दो-तीन बैग में भंवरी देवी की हडि्डयां व अन्य सामान पेश किया। यह हडि्डयां फलौदी क्षेत्र के जालोड़ा नहर से बरामद की गई थी।
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| फाईल फोटो |
वहीं, दूसरी ओर से भंवरी के पति अमरचंद की ओर से सीबीआई के तत्कालीन एसपी राकेश कुमार राठी से जिरह की गई। इस मामले में गुरुवार को भी सुनवाई जारी रहेगी। अब राठी से गुरुवार को आरोपी सोहनलाल की ओर से जिरह की जाएगी। उल्लेखनीय है कि इस पूरे मामले में सुनवाई के दौरान केस की मास्टर माइंड आरोपी इंद्रा विश्नोई सहित एक दर्जन आरोपियों को कोर्ट के समक्ष पेश किया गया।
कौन है इंदिरा विश्नोई
भंवरी देवी हत्याकांड के आरोपी पूर्व कांग्रेस विधायक मलखान सिंह की बहन इंदिरा को सीबीआई काफी समय से तलाश रही थी। उसकी सूचना देने वाले को इनाम देने का ऐलान भी किया गया था। शनिवार को इंदिरा बिश्नोई मध्य प्रदेश के देवास जिले में एटीएस के हत्थे चढ़ गई।
भंवरी देवी हत्याकांड के आरोपी पूर्व कांग्रेस विधायक मलखान सिंह की बहन इंदिरा को सीबीआई काफी समय से तलाश रही थी। उसकी सूचना देने वाले को इनाम देने का ऐलान भी किया गया था। शनिवार को इंदिरा बिश्नोई मध्य प्रदेश के देवास जिले में एटीएस के हत्थे चढ़ गई।
विश्नोई ने भंवरी को सीखाया था ब्लैकमेल करना
इंदिरा विश्नोई वहीं औरत है जिसने भंवरी देवी को सीडी के सहारे ब्लैकमेल करना सीखाया था। भंवरी देवी हत्याकांड में कांग्रेस के दो पूर्व विधायक महिपाल सिंह और मलखान सिंह आरोपी हैं। महिपाल सिंह तत्कालीन गहलोत सरकार में मंत्री थे। लेकिन इस हत्याकांड का खुलासा होने के बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। एटीएस ने इंदिरा को जोधपुर में सीबीआई टीम के हवाले कर दिया है।
इंदिरा विश्नोई वहीं औरत है जिसने भंवरी देवी को सीडी के सहारे ब्लैकमेल करना सीखाया था। भंवरी देवी हत्याकांड में कांग्रेस के दो पूर्व विधायक महिपाल सिंह और मलखान सिंह आरोपी हैं। महिपाल सिंह तत्कालीन गहलोत सरकार में मंत्री थे। लेकिन इस हत्याकांड का खुलासा होने के बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। एटीएस ने इंदिरा को जोधपुर में सीबीआई टीम के हवाले कर दिया है।
कौन थी भंवरी देवी
भंवरी देवी का ताल्लुक राजस्थान की नट बिरादरी से था। वह जोधपुर के नजदीक पैनन कस्बे के एक सरकारी अस्पताल में बतौर नर्स काम करती थी। उसकी शादी भी हो चुकी थी। पर मॉडलिंग और राजस्थानी एल्बम को सीढ़ी बना कर वह राजस्थानी फिल्मों की हीरोईन बनने का सपना पाले बैठी थी। लिहाजा अपने इस ख्वाब को पूरा करने के लिए वह कुछ भी कर सकती थी। गांव के अस्पताल में ले देकर एक ही वही नर्स थी और वो भी ड्यूटी से गायब रहती थी। लिहाजा गांव वालों की शिकायत पर भंवरी देवी को नौकरी से सस्पेंड कर दिया गया था।
भंवरी देवी का ताल्लुक राजस्थान की नट बिरादरी से था। वह जोधपुर के नजदीक पैनन कस्बे के एक सरकारी अस्पताल में बतौर नर्स काम करती थी। उसकी शादी भी हो चुकी थी। पर मॉडलिंग और राजस्थानी एल्बम को सीढ़ी बना कर वह राजस्थानी फिल्मों की हीरोईन बनने का सपना पाले बैठी थी। लिहाजा अपने इस ख्वाब को पूरा करने के लिए वह कुछ भी कर सकती थी। गांव के अस्पताल में ले देकर एक ही वही नर्स थी और वो भी ड्यूटी से गायब रहती थी। लिहाजा गांव वालों की शिकायत पर भंवरी देवी को नौकरी से सस्पेंड कर दिया गया था।
इसी के बाद वह कांग्रेस विधायक मलखान सिंह और महिपाल सिंह के संपर्क में आई थी। उन दोनों को भंवरी ने विश्वास में ले लिया था। उन दोनों ने ही भंवरी को राजस्थान के जल संसाधन मंत्री महिपाल मदेरणा से मिलवाया था, बस वहीं से इस हत्याकांड की इबारत लिखनी शुरू हो गई थी।





