प्रतापगढ़. वन विभाग की ओर से जंगलों में वाटर ***** पद्धति से वैशाखी पूर्णिमा पर होने वाली वन्यजीवों की गणना अब ज्यैष्ठ पूर्णिमा पर मंगलवार से होगी। उदयपुर संभाग के जंगलों में 29 मई सुबह 10 बजे से 30 मई सुबह 10 बजे तक वन्यजीव गणना की जाएगी। इसकी तैयारी की गई है। गौरतलब है कि इस वर्ष उदयपुर संभाग में बारिश अधिक होने से जंगलों में अधिकांश स्थानों पर पानी की उपलब्धता को देखते हुए यह गणना एक माह आगे बढ़ाई गई है।
उपवन संरक्षक अमरसिंह गोठवाल ने बताया कि इसका प्रमुख कारण यह है कि पानी अधिक स्थानों पर भरा होने से वन्यजीवों की गणना का अनुमान सही नहीं लगाया जा सकता है।
जिले में 77 वाटर ***** पर होगी गणना
इस वर्ष बारिश की अधिकता के कारण विभाग ने जंगल में वाटर ***** भी बढ़ाए है। गत वर्ष जंगल में 70 वाटर ***** पर गणना की गई थी। वहीं इस वर्ष 77 वाटर ***** बनाए गए है। इनमें से छोटीसादड़ी रेंज में 9, प्रतापगढ़ में 18, पीपलखूंट में 11, धरियावद में 17, देवगढ़ में 9 और बांसी रेंज में 15 वाटर ***** पर वन्यजीव गणना की जाएगी।
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सवा सात हजार घरों में चिमनी से रोशनी
जिले में आज भी कई परिवार रह रहे अंधेरे में
प्रतापगढ़
प्रतापगढ़ जिले के आदिवासी इलाकों में आज भी कई घरों में रात को चिमनी से रोशनी होती है। ऐसे में इन घरों में बिजली पहुंचाने की आवश्यकता है। हालांकि बिजली के वंचित घरों में कनेक्शन के लिए निगम की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं। लेकिन पहाड़ी भाग और जंगल होने से यहां कनेक्शन पहुंचाने में परेशानी हो रही है। जिले में अभी 7 हजार 235 परिवारों में कनेक्शन नहीं हुए है।
यह है जिले में स्थिति
जिले में कुल 1003 गांव है। जिसमें 1025 ढाणियां हैं। कुल मिलाकर 2028 गांव-ढाणियां है। विद्युत वितरण निगम की ओर से सभी गांव-ढाणियों में बिजली पहुंचाई जा चुकी है। इनमें से 17 गांव-ढाणियों में गत वर्ष तक बिजली नहीं थी। इनकी बसावट जंगल में होने से यहां लाइन नहीं बिछाई जा सकती थी। इस पर सरकार की ओर से इनमें सौर ऊर्जा संयंत्र लगाए गए हैं। इससे यहां भी बिजली की व्यवस्था हो गई।
निगम के दीनदयाल विद्युतीकरण योजना के कनिष्ठ अभियंता बीएल पाटीदार ने बताया कि जिले में वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार कुल एक लाख 78 हजार 726 परिवार है। इन परिवारों में कुल 8 लाख 68 हजार 231 लोग निवासरत है। इनमें से 7235 परिवारों में अभी कनेक्शन नहीं हुए है।
सीतामाता अभयारण्य में सौर ऊर्जा से रोशनी
जंगल में जहां बिजली की लाइनें पहुंचाई जाना संभव नहीं थी। वहां पर निगम ने सौर ऊर्जा संयंत्र लगाकर बिजली पहुंचाई। पाल और अन्य गांवों में कुल मिलाकर 14 गांव-ढाणियों में 2204 परिवारोंं के घरों में सौर ऊर्जा संयंत्र लगाए गए।
कर रहे है प्रयास
जिले में अधिकांश गांव-ढाणियां पहाड़ी क्षेत्रों में हंै।ऐसे में यहां कनेक्शन पहुंचाने में काफी परेशानी हो रही है। दीनदयाल विद्युतीकृत योजना में हम इनमें बिजली पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। इसके लिए अभी कार्य चल रहा है।
आई आर मीणा
अधीक्षण अभियंता, अविविनिलि, प्रतापगढ़
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