उदयपुर . भाजपा की केन्द्र व राज्य सरकार की ओर से राजपूत समाज की मांगों व आंदोलनों को ध्यान नहीं देने के विरोध में सर्व राजपूत समाज पूरे प्रदेश में स्वाभिमान यात्रा निकालेगा। इस दौरान समाज जन मानस को सरकार के खिलाफ जागृत करेगा।
राजपूत महासभा के अध्यक्ष गिरिराज सिंह लोटवाड़ा एवं मेवाड़ क्षत्रिय महासभा संस्थान के बालूसिंह कानावत ने मीडिया को बताया कि राजपूत समाज पिछले डेढ़ वर्ष से अधिक समय से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर संघर्ष कर रहा है। साथ ही सांवराद प्रकरण के दौरान सरकार ने जो लिखित समझौता किया है, उस पर सरकार दोहरा रवैया अपना रही है। सरकार समाज की मांगों की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रही है।
-18 जुलाई 2017 को आनंदपाल प्रकरण में सरकार से हुए समझौते को अक्षरक्ष: लागू किया जाए।
- आनंदपाल प्रकरण में सीबीआई से महज एक प्रकरण में जांच करवानी थी परंतु सरकार ने समाज को प्रताडि़त करते हुए दो अन्य एफआईआर को भी जांच में दे दी।
- चतुरसिंह सोढ़ा एनकाउंटर प्रकरण से सीबीआई जांच लम्बित है, जिसकी शीघ्र जांच के आदेश करवाए जाएं।
- राजपूत समाज की आरक्षण की मांग अर्से से लम्बित है। करसा राजपूत समाज को पूरे प्रदेश में एक समान शीघ्र आरक्षण दिलाए जाए।
- पद्मावत फिल्म को पूर्णतया पूरे देश में प्रतिबंधित करवाया जाए एवं भविष्य में ऐसी शूटिंग पर रोक लगाई जाए।
- सामाजिक संस्थाओं को यूडी टैक्स से मुक्त किया जाए।
- जिन लोगों के पास पैतृक हथियार है, उन्हें पैतृक सम्पत्ति की तरह उनके परिजनों को हस्तांतरित किया जाए।
- समाज को प्रताडि़त करने के लिए राजपूत समाज भवन जयपुर पर सर्विस टैक्स व शास्ति के रूप में जो 4 करोड़ रुपए से अधिक की वसूली के नोटिस दिए गए, वे वापस लिया जाएं।
- सामराऊ प्रकरण में दोषियों को गिरफ्तार कर भडक़ाऊ भाषण देने वालों पर शीघ्र कार्रवाई की जाए।
- आजादी के बाद से विभिन्न युद्धों में शहीद हुए शहीदों के परिजनों को वर्तमान में दिए जा रहे परिलाभ एक समान दिए जाए।
ऐतिहासिक स्मारकों को मूल स्वरूप को नहीं बदला जाएं। कीर्ति स्तम्भ का निर्माण बीकानेर में सन 1912 में महाराजा गंगासिंह ने राजा कर्णसिंह की कीर्ति एवं यशगाथा लिखने के लिए करवाया था किन्तु प्रशासन ने गलती से करगिल व उसके बाद के शहीदों के नाम लिखवा दिए जबकि शहीदों के नाम कीर्ति स्तम्भ के पास चार कोनों परबनी गुमटियों पर लिखा जाना था। इस संबंध में पुराधरोहर एक्ट के अनुसार मूल या गलती होने पर संशोधन किया जा सकता है। मुख्यमंत्री व संबंधित विभागों को बार-बार कहने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई।
बैठक भी हुई
पत्रकार वार्ता के बाद समाज के पदाधिकारियों की मेवाड़ क्षत्रिय महासभा संस्थान के अध्यक्ष बालूसिंह कानावत की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में समाज की समस्या व विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक में राजपूत समाज के अध्यक्ष गिरिराज सिंह लोटवाड़ा, मारवाड़ राजपूत सभा अध्यक्ष हनुमान ङ्क्षसह खांगटा, दुर्गसिंह खींवसर, रणजीत सिंह जेन्दिया, मनोहरसिंह रूपपुरा, भंवरसिंह रेटा, रणजीत सिंह नोसल, तेजङ्क्षसह बांस, मनोहरसिंह कृष्णावत आदि मौजूद थे।





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