Breaking News
recent

औपचारिकता बन रहा अवैध बूस्टर पकडऩे का अभियान

प्रतापगढ़. जिला मुख्यालय पर जलदाय विभाग की ओर से शहर भर में 21 मई से अवैध बूस्टर पकडऩे का अभियान चलाया जा रहा है लेकिन विभाग की लापरवाही व उदासीनता के चलते 8 दिनों में मात्र 2 दिन कार्रवाई की गर्ई। जलदाय विभाग के अनुसार 21 मई को कार्रवाई के दौरान मात्र 2 बूस्टर पकड़े गए थे। जिसके बाद 22 मई को कोई कार्रवाई नहीं की गई फिर 23 मई को कार्रवाई की लेकिन कोई बूस्टर नहीं पकड़ा गया। जिसके बाद आज तक विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। ऐसे में अवैध बूस्टर पकडऩे का अभियान औपचारिकता साबित हो रहा है।

सरकारी वाहन ही उड़ा रहे नियमों का धुआं
अधिकारी ने कहा था नियमित रूप से हो रही पेयजल आपूर्ति
जलदाय विभाग की ओर से 20 मई को जारी प्रेस नोट में सहायक अभियन्ता मोहम्मद अकरम शेख ने बताया था कि शहरी जल योजना प्रतापगढ़ में लगभग दस हजार जल सम्बन्ध है। वर्तमान में पेयजल आपूर्ति भी 48 से 72 घंटे के अन्तराल में नियमित रूप से हो रही है। लेकिन जलदाय विभाग के अधिकारी अब बता रहे है कि पेयजल आपूर्ति बाधित होने के कारण बूस्टर पकडऩे का अभियान नियमित रूप से नहीं चला पा रहे है।
सीधे बूस्टर लगा कर खींच रहे पानी
शहर में कई घरों पर पेयजल आपूर्ति लाइन पर लोगों की ओर से बूस्टर लगा कर पानी को खींचा जा रहा है। जिसके चलते अन्य घरों में पानी की आपूर्ति कम दबाव से हो रही है और उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
..................................
करेंगे तेज कार्रवाई
बूस्टर पकडऩे का अभियान 21 मई से शूरू किया है, जिसमें दो बूस्टर भी जब्त किए हंै। पेयजल आपूर्ति बाधित होने के कारण कार्रवाई नहीं की गई। अब फिर नियमित रूप से करेंगे कार्रवाई।
कुलदीप, कनिष्ठ अभियंता, जलदाय विभाग, प्रतापगढ़
===========================================

महाविद्यालयों में कब से शुरू होंगे प्रवेश...पढ़े पुरी खबर
सरकारी वाहन ही उड़ा रहे नियमों का धुआं
अधिकांश सरकारी वाहनों की नहीं पीयूसी
-सरकारी वाहनों की नहीं हो रही है जांच भी
प्रतापगढ़. बेहतर प्रशासन और जनहित को ध्यान में रखकर सरकार नियम बनाती है, लेकिन खुद सरकारी विभाग ही इनका पालन नहीं कर रहे। पर्यावरण प्रदूषण को कम करने के लिए हर वाहन के लिए पीयूसी सर्टिफिकेट जरूरी है, लेकिन सरकारी वाहनों की ओर से इसका उल्लंघन किया जा रहा है। जिला मुख्यालय पर कई सरकारी वाहन है लेकिन न के बराबर वाहनों में पीयूसी सर्टिफिकेट लगा है। बावजूद इसके ऐसे वाहनों की जांच भी नहीं की जाती है। पर्यावरण की चिंता करते हुए ग्रीन ट्रिब्यूनल ने पीयूसी सर्टिफिकेट अनिवार्य किया और आरटीओ ने पालन करवाने के लिए सेंटर भी चालू करवा दिए। पीयूसी नहीं बनवाने वाले लोगों पर विभाग की ओर से चालानी कार्रवाई की जाती है लेकिन सरकारी वाहनों के चालान काटने की कार्रवाई नहीं हो रही है।
जिले में 150 से अधिक वाहन
गौरतलब है कि पीयूसी सर्टिफिकेट बनवाने का नियम सभी के लिए एक जैसा है। जिले में जिला पुुल, पुलिस कार्यालय, जिला परिषद सहित कई अन्य विभागों की 150 से अधिक वाहन जिले में चल रहे है। लेकिन इनमें से न के बराबर गाडिय़ों के लिए पीयूसी सर्टिफिकेट बनवाए गए है।

सरकार के नाम का उठा रहे फायदा
सरकार के नाम पर चलाए जा रहे वाहनों की जांच तक नहीं होती है। जांच करने वाले अधिकारी अटैच वाहनों को सरकारी समझकर जांच नहीं करते और सरकार से अटैच वाहनों को इसका पूरा फायदा मिलता है। यही कारण है कि अब तक किसी भी सरकारी या विभागों से अटैच वाहन पर कार्रवाई तक नहीं हुई।
..................................
सभी वाहनों के लिए पीयूसी जरूरी
शहर में 150 से अधिक सरकारी वाहन हैं। वाहनों की पीयूसी सरकारी व प्राइवेट सभी वाहनों के लिए जरूरी है। हमारी ओर से सभी वाहनों पर कार्रवाई की जाती है।
प्रमोद लोढ़ा, जिला परिवहन निरीक्षक, प्रतापगढ़
----------------------------------



Rajasthan Darpan IFTTT

Rajasthan Darpan IFTTT

No comments:

Post a Comment

Powered by Blogger.