अलवर. आधे शहर में शुरू किए गए डोर टू डोर कचरा संग्रहण करने वाले वाहनों की अभी से क्लिच टूटने लगी है। करीब एक करोड़ से अधिक कीमत में 24 से अधिक ऑटो टिप्पर खरीदे गए। जिनकी अभी से चाल रुक गई है। किसी की क्लिच तो किसी की बैटरी धोखा दे रही है। जिसके कारण कई जगहों पर डोर टू डोर कचरा संग्रहण के कार्य पर ब्रेक लग गए हैं।
कई जगह नहीं आ रहे ऑटो टिप्पर शहर में शांति कुंज, मालवीय नगर सहित कई जगहों पर ऑटो टिप्पर नहीं आ रहे हैं। जिसके कारण यहां के लोग रोजाना कचरा संग्रहण के वाहन का इन्तजार करते हैं। नहीं आने पर कचरे को आसपास सडक़ किनारे फेंकना पड़ता है। जिसके कारण फिर से गंदगी होने लगी है। 24 में से 16 ही चल रहे नगर परिषद के कर्मचारियों के अनुसार कई जगहों पर कचरा संग्रहण नहीं हो रहा है। अब 24 में से केवल 16 ऑटो टिप्पर ही चल रहे हैं। शहर में ऐसा भी नहीं है कि वाहन नहीं आए तो आमजन किसी अधिकारी या कर्मचारी को सूचित कर सकें। जिसकी कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं कर रखी है।
नए वाहन खरीदने की तैयारी शहर में 24 के अलावा नए ऑटो टिप्पर खरीदने की तैयारी हो रही है। जबकि मौजूदा वाहनों को चलाने का बंदोबस्त भीपूरा नहीं है। कई वाहन चालकों के पास तो लाईसेंस तक नहीं है। फिर भी वाहन दौड़ा रहे हैं। डोर टू डोर कचरा संग्रहण का ठेका भी जारी नहीं किया गया है। जिसके कचरा संग्रहण आधा अधूरा है। दूसरे कामों में चल रहे ऑटो टिप्पर कचरा उठाने वाले वाहनों को दूसरे कार्यों में लिया जा रहा है।
तभी तो आए दिन इन वाहनों में कभी कबाड़ तो कभी लकड़ी भरी मिलती है। दूसरी और जहां से कचरासंग्रहण करना होता है वहां समय पर नहीं पहुंचते हैं। कई बार तो काफी इन्तजार करने के बाद लोग कचरे को दूसरी जगह डालकर आते हैं। शिकायत ही नहीं सुन रहे शांतिकुंज से लोग रोजाना शिकायत कर रहे हैं। फिर भी नगर परिषद में कोई सुनवाई न हीं हो रही है। यहां कचरा संग्रहण वाले वाहन कइ





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