जयपुर। राजधानी नगर निगम के ठेकेदारों की हड़ताल से शहर का विकास कार्य पूरी तरह से ठप हो गया है। कचरा परिवहन ठेकेदारों की हड़ताल से आधे शहर में सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। हड़ताल का सबसे अधिक असर उद्यानों पर देखने को मिला है। ठेकेदारों की हड़ताल के चलते शहर की सफाई पर भी असर पडा है। इससे आम लोगों की समस्याएं बढ़ने वाली हैं। नगर निगम के ठेकेदार अपनी कई मागों को लेकर पिछले पांच दिन से हड़ताल कर रहे है। लेकिन जयपुर शहर महापौर अशोक लाहोटी हड़ताल समाप्त करने के बजाय विदेश गए हुए हैै। मेयर लाहोटी गर्मियों की छुट्टियां मनाने विदेश गए हुए है। जी हां, जयपुर शहर के सभी आवश्यक काम करने वाले ठेकेदार निगम महापौर पर अभद्र भाषा में बात करने का आरोप लगते हैं, लेकिन इस सबसे दूर महापौर गर्मियों की छुट्टियां मनाने के लिए विदेश गए हुए हैं।
नगर निगम के ठेकेदार अपनी कई मागों को लेकर हड़ताल कर रहे है। जिनमें निगम के बकाया भुगतान, मेयर के अभद्र व्यवहार, निगम में ठेकेदारों के प्रवेश में पाबंदी सहित मागों को लेकर हड़ताल कर रहे है। जिससे शहर के विकास पर ब्रेक लग गया है। ठेकेदारों की हड़ताल में सिविल, गार्डन और लाईट समेत कई ठेकेदार शामिल हैं। गौरतलब है कि निगम पर करीब ठेकेदारों का 125 करोड रूपए बकाया चल रहा है। मेयर के विदेश जाने के बाद शहर के उपमहापौर मनोज भारद्वाज ने हड़ताल समाप्त करने की कोशिश की,लेकिन उनसे भी ठेकेदारों की बात नहीं बनी।
गौरतलब है कि जयपुर के नगर निगम में हाल ही नए समिति चैयरमेन की नियुक्ति की गई थी। उनको भी इस हड़ताल का सामना करना पड़ रहा है। शहर में 15 जून से लेकर 15 सितंबर तक के मानसून को देखते हुए विकास कार्य करने है। यदि इसी तरह ठेकेदारों की हड़ताल चलती रही तो शहर का विकास कार्य नहीं हो पाएगा। इससे आमजन को खासी परेशानी का सामना करना पडेगा। पिछले पांच दिन से चल रही ठेकेदारों की हड़ताल से मेयर सहित सांसद और शहर के पार्षद भी चितिंत नजर आ रहे है।





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