श्रीगंगानगर. कर्मचारियों के कैडर रिव्यू, अनुकंपा नियुक्ति में टंकण परीक्षा से मुक्ति करने, अंतर जिला स्थानांतरण में शिथिलन देने सहित कई मांगों को लेकर कई दिन से कार्मिक आंदोलन कर रहे हैं। इनका कहना है कि राज्य सरकार की ओर से जब तक लिखित आदेश जारी नहीं किए जाएंगे तब तक कर्मचारियों का आंदोलन निरंतर जारी रहेगा। महात्मा गांधी नरेगा संविदा कार्मिक संघ एवं पंचायती राज मंत्रालयिक कर्मचारी संगठन के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को पंचायत समिति श्रीगंगानगर कार्यालय के बाहर कार्मिकों का धरना दिया गया। इस दौरान कार्मिकों ने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई।
पंचायती राज मंत्रालयिक कर्मचारी संगठन ने जिला कलक्टर को ग्रामीण विकास एवं पचायती राज विभाग मंत्री के नाम ज्ञापन देकर कर्मियों की मांगें पूर्ण करने की मांग की है। अखिल राजस्थान राज्य संयुक्त कर्मचारी (एकीकृत) महासंघ जिला श्रीगंगानगर एवं जिला स्तरीय संयुक्त मंत्रालयिक कर्मचारी संघर्ष समिति श्रीगंगानगर की ओर से मनरेगा कर्मियों को समर्थन दिया गया। राज्य सरकार की हठधर्मिता के विरोध में 30 मई को वाहन रैली व मशाल जुलूस निकाला जाएगा। जब तक राज्य सरकार कर्मचारियों की समस्त मांगों को नहीं मान लेती तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इस कार्यक्रम में राकेश सहारण, रणजीत सिंह, राय साहब, कपिल असड़ी सहित काफी संख्या में मनरेगा व पंचायती राज कर्मचारी कर्मचारी शामिल हुए।
पंचायत समिति श्रीगंगानगर सहित सादुलशहर, सूरतगढ़, श्रीकरणपुर, पदमपुर, रायसिंहनगर, श्रीविजयनगर, अनूपगढ़ व घड़साना पंचायत समितियों में मनरेगा कार्मिकों का आंदोलन चल रहा है। इस कारण जिले की 336 ग्राम पंचातयों में काम-काज प्रभावित हो रहा है। ग्राम पंचायतों में मनरेगा से जुड़े अधिकांश कार्य ठप है। लोगों को मनरेगा में रोजगार नहीं मिल रहा है। इस बीच मनरेगा में पहले कार्य कर चुके श्रमिकों को भुगतान मेंदेरी हो रही है। जीयो टैगिंग व पे-मैनेजर और पंचायती राज विभाग की अन्य योजनाएं कार्मिक हड़ताल पर होने से प्रभावित हो रही है। मंत्रालयिक कर्मचारी हड़ताल पर होने पर पंचायत समिति व जिला परिषद में विभिन्न प्रकार की जांच व आदेश जारी करने का कार्य थम सा गया है।





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