बीकानेर . शहर के एक निजी अस्पताल की चिकित्सक की लापरवाही से १२ दिन जिंदगी और मौत से जूझने के बाद आखिरकार सोमवार को महिला मरीज की जयपुर में मौत हो गई। परिजन शव को बीकानेर ले आए। शव यहां पीबीएम अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया और परिजनों ने महिला चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उसकी गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
उन्होंने आरोपित की गिरफ्तारी तथा अस्पताल सील होने तक शव लेने से इनकार कर दिया और धरने पर बैठ गए। बाद में सदर, जेएनवीसी थाना पुलिस वहां पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया । जांच अधिकारी उपनिरीक्षक रामप्रताप ने बताया कि सुशीला देवी की जयपुर में मौत हो गई। शव को पीबीएम अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया बाद में शव का पोस्टमार्टम करवाया गया।
झुलसे युवक की मौत
बीकानेर . भीनासर में पांच दिन पहले अपने ससुराल में घर के सामने खुद पर पेट्रोल उडेलकर आग लगाने वाले नोखा निवासी अशोक रैगर (२४) की रविवार देर रात मौत हो गई। पुलिस ने सोमवार को शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने बताया कि अशोक गुरुवार शाम भीनासर ससुराल में बीवी को लेने आया था। तब आग लगा ली थी। इस संबंध में थाने में मामला दर्ज है।
यह है मामला
गांव जांगलू हाल जयनारायण व्यास कॉलोनी निवासी बजरंगलाल सुथार ने 21 मई को जेएनवीसी थाने में मामला दर्ज कराया था। उसने पुलिस को बताया कि उसके भाई मांगीलाल की पत्नी सुशीला को १६ मई को बिन्नाणी अस्पताल में डिलिवरी के लिए लाए थे, जहां डॉ. स्वाति बिन्नाणी ने मरीज का ऑपरेशन करने की बात कही। कुछ समय बाद ऑपरेशन से लड़का पैदा हुआ, लेकिन उसकी भाभी को ऑपरेशन थियेटर से बाहर नहीं निकाला गया।
जब इसका कारण पूछा तो डॉक्टर स्वाति बिन्नाणी ने कहा कि मरीज ऑब्जरवेशन में है, ऑपरेशन हो गया है चिंता की कोई बात नहीं। कुछ समय बाद डॉक्टर ने गलती मानते हुए कहा कि मरीज को ज्यादा एनेस्थिसिया दे दिया था, जांच करने वाले डॉक्टरों के आते ही सब ठीक हो जाएगा। इसके बाद चिकित्सक ने मरीज को उच्च चिकित्सा संस्थान में रेफर करने के लिए कहा। इस पर सुशीला को जयपुर फोर्टिस अस्पताल ले गए, जहां उसकी इलाज के दौरान सोमवार सुबह मौत हो गई।





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