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गुड गवर्नेंंस पर ज‍िला प्रशासन फेल: दो आरएएस नहीं खोल सके संपर्क पोर्टल की आईडी, तीसरे को अधूरी सूचना पर बाहर निकाला

भीलवाड़़ा।

जिले का प्रशासन गुड गवर्नेन्स पर फेल हो गया। सेंट्रल फॉर गुड गवर्नेंस के सचिव और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी राकेश वर्मा ने सोमवार को सम्पर्क पोर्टल पर जन शिकायतों के सुस्त निपटारे पर नाराजगी जताई और अफसरों को फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि 181 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर हम समस्याएं ले रहे हैं, लेकिन भीलवाड़ा के अफसरों का इसमें ध्यान ही नहीं है। राजस्थान संपर्क पोर्टल पर जिले के 8 हजार 620 प्रकरण लंबित है।

 

उन्होंने अफसरों की क्लास ली और संपर्क पोर्टल की परीक्षा में फेल बताया। उन्होंने कहा, यहां जो अफसर बैठे है, मीटिंग के बाद कोई घर नहीं जाएगा। पहले शाम छह से रात नौ बजे तक संपर्क पोर्टल पर काम करने का प्रशिक्षण लेंगे। मैं रात को नौ बजे फिर आऊंगा और टेस्ट लूंगा। बैठक के बाद रात तक उन्हें ट्रेनिंग दी। फिर वर्मा वापस आए और टेस्ट लिया। किसी बैठक में ऐसा पहली बार हुआ कि अधिकारी ने एक-एक को खड़ा कर सवाल पूछा। बैठक में यूआईटी सचिव आशीष शर्मा व बिजौलियां एसडीएम प्रवीणकुमार अपनी संपर्क पोर्टल की आईडी भी नहीं खोल सके। इस पर नाराजगी जताई।

 

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक शरद शर्मा अधूरी जानकारी के साथ आए। उन्होंने बैठक में सूचना सहायक को खड़ा किया इस पर वर्मा नाराज हो गए। उन्होंने उपनिदेशक शर्मा से कहा, बैठक से बाहर जाओ और पूरी सूचना लेकर आओ। वर्मा ने कहा, यहां के अफसर आईडी भी नहीं खोल पाते हैं तो समस्या का क्या समाधान करेंगे। बैठक में जिला कलक्टर शुचि त्यागी ने जिले की प्रगति से अवगत कराया। वर्मा ने कहा, भीलवाड़ा पहला ऐसा जिला है, जहां अधिकारियों ने संपर्क पोर्टल का एप डाउनलोड नहीं किया है। जमीनों के मामले डील करने के अलावा गरीबो की समस्या भी सुन लिया करो।

 

वर्मा ने फरियादी को ही फोन लगा कर जानी हकीकत, विभाग का झूठ सामने आया
बैठक के बाद सभी अफसरों की संपर्क पोर्टल की ट्रेनिंग हुई। रात साढ़े आठ बजे वर्मा फिर पहुंचे और टेस्ट लिया। चिकित्सा विभाग के अधिकारी को बुलाया। उनसे कहा कि जिन केस को रिजेक्ट किया है उसका कारण बताओ। इसमें आसींद के रतनपुरा के एक व्यक्ति ने बताया कि उनकी पत्नी की नसबंदी के बावजूद बच्चा हो गया। साथ ही शौचालय भुगतान की शिकायत भी थी। वर्मा ने परिवादी को फोन कर पूछा तो उसने कहा कि उसकी किसी भी समस्या का समाधान नहीं हुआ। इस पर वर्मा ने चिकित्सा विभाग के अधिकारी से कहा कि रातभर ऑफिस खोलिए। सुबह सात बजे तक मुझे एक-एक केस की जानकारी चाहिए।


शिकायतों के निस्तारण में नगर परिषद व यूआईटी सबसे पिछड़े
संपर्क पोर्टल का निस्तारण करने से सबसे पिछड़े विभागों में नगर परिषद व यूआईटी है। दूसरे नंबर पर पंचायतीराज विभाग है। तीसरे नंबर पर राजस्व विभाग है जिसमें सबसे ज्यादा लंबित केस है। नगर परिषद कमिश्नर ने कहा, १५ दिन में सब प्रकरण का निस्तारण कर देंगे। उन्होंने कहा, अगले सात दिन में मुझे सबका निस्तारण चाहिए।



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