जयपुर . पीने के पानी की समस्या को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रही कांग्रेस पर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री बाबू लाल वर्मा ने निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि चुनाव सिर पर हैं और कांग्रेस के पास कोई मुद्दा नहीं है। इसलिए वह फिजूल बातों को ही मुद्दा बना रही है।
भाजपा प्रदेश कार्यालय में सुनवाई के बाद वर्मा ने पत्रकारों से कहा कि पीने के पानी पर सरकार बड़े-बड़े प्रोजेक्ट को धरातल पर लेकर आई और योजनाओं को लागू किया। विशेषकर जल स्वावलंबन अभियान चलाकर प्रदेश की जनता को राहत देने की कोशिश की है, भले ही यह लंबा काम है, लेकिन भाजपा की सरकार में पेयजल पर काफी काम हुआ है। प्रदेश अध्यक्ष को लेकर कहा कि निश्चित रूप से यह विषय पूरे नेतृत्व की जानकारी में है। जल्द ही इस पर फैसला कर लिया जाएगा। बाकी पार्टी का प्रत्येक पदाधिकारी और कार्यकर्ता अपना-अपना काम कर रहा है।
प्रत्येक जगह राशन का गेहूं समय पर पहुंच रहा है- वर्मा
खाद्य सुरक्षा के तहत आवंटित गेहूं का समय पर उठाव न होने को लेकर मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री की सोच है कि किसी भी प्रकार से राशन की वितरण प्रणाली में कोई अवरोध पैदा न हो। इसके लिए एक महीने पहले ही टेंडर प्रक्रिया शुरू कर देते हैं ताकि समय पर गेहूं का उठाव हो सके। प्रत्येक जगह राशन का गेहूं समय पर पहुंच रहा है। मेरे ध्यान में इस तरह का कोई मामला अभी तक नहीं आया है। रही बात नेटवर्क की समस्या की तो प्रदेश में 80 से 89 जगह हैं, जहां नेटवर्क की समस्या है। बाकी सभी जगह जो भी नेटवर्क मिलता है उस कंपनी के नेटवर्क को लागू करके हम इस वितरण कार्य को कर रहे हैं और जहां नेटवर्क नहीं है वहां भी हमने वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित की हुई है। डीलरों की बकाया राशि को लेकर मंत्री ने कहा कि पैसा जमा कराने के मामले में थोड़ा समय लग जाता है, लेकिन नियमित रूप से पैसा सरकार की ओर से जमा हो रहा है। इसमें कोई असुविधा नहीं है।
जीएडी मंत्री हेम सिंह भडाना ने लेकर कांग्रेस के प्रदर्शन पर कहा कि उनका काम ही विपक्ष में विरोध करने का रहा है भले काम सही क्यों न हो।
गुर्जर स्वयं में सक्षम, उन्हें किसी बाहरी नेतृत्वकर्ता की जरूरत नहीं-भडाना
हेमसिंह भडाना ने कहा गुर्जर आरक्षण आंदोलन के मामले में सरकार की वार्ता गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला के साथ सभी पहलुओं पर सकारात्मक रही है। राजस्थान के गुर्जर स्वयं में सक्षम हैं उन्हें दिल्ली या बाहर से आकर कोई नेतृत्वकर्ता की जरूरत नहीं है और ऐसे लोगों की बातों पर सरकार विचार भी नहीं करती।





No comments:
Post a Comment