बाड़मेर. सीमावर्ती बाड़मेर जिले से हवाईसेवा को लेकर लगभग पूरी तैयारी होने के बाद एक नया पेच अड़ गया है। वायुसना की हवाईपट्टी का इस्तेमाल होगा इसके लिए रक्षा मंत्रालय से इजाजत मांगी गई है। अब स्वीकृति तक इंतजार करना पड़ेगा। जिला प्रशासन के पत्र पर वायुसेना के उत्तरलाई एयर कमोडोर ने रक्षा मंत्रालय को लोकहित का हवाला देते हुए इजाजत मांगी है।
बाड़मेर से जोधपुर के लिए जेट एयरवेज की सेवाओं को लेकर लगभग सारी तैयारियां पूर्ण कर इसे जून माह तक प्रारंभ करना था। प्रशासन की ओर से 100 बीघा जमीन उत्तरलाई के पास चिन्हित की गई है और अस्थार्यी तौर पर इसके संचालन के लिए बंक हाउस एवं एक पुराने स्कूल परिसर दिया गया है। वायुसेना ने भी एक हवाई पट्टी पर विमान उतारने और वायुसेना के एक तरफ के गेट से आने-जाने की सुविधा का प्रस्ताव तैयार कर लिया था। लेकिन अब इसके लिए रक्षा मंत्रालय की इजाजत जरूरी होने पर वहां हरी झंडी का इंतजार है।
यह होगी सुविधा
बाड़मेर से प्रतिदिन 2.30 बजे उड़ान जोधपुर को रवाना होगी और 3.15 बजे पहुंचेंगी। इसमें नौ सीटर विमान होगा जिले में तेल व गैस खोज का कार्य कर रही कंपनियों की ओर से 35 प्रतिशत सीट सालभर के लिए रिजर्व की गई है। कंपनियों की ओर से यह वादा होने के बाद ही हवाई सेवा प्रारंभ हो रही है। प्रदेश में आठवां स्थान होगा जहां पर हवाई सेवा प्रारंभ होगी।
जयपुर- दिल्ली के बीच हो हवाई सेवा
जोधपुर से जयपुर-दिल्ली, अहमदाबाद के लिए फ्लाइट है। एेसे में बाड़मेर-जोधपुर फ्लाइट केवल कनेक्टिविटी का काम करेगी। इसके चलते यहां के लोगों की मांग है कि जयपुर , दिल्ली और अहमदाबार के लिए बाड़मेर से फ्लाइट प्रारंभ हों। जयपुर और अहमदाबाद के लिए सर्वाधिक मांग है।
रक्षा मंत्रालय से इजाजत मांगी है
रक्षा मंत्रालय से इजाजत मांगी गई है। जमीन का चयन कर लिया गया है। रक्षा मंत्रालय की इजाजत आने पर सेवाएं प्रारंभ होगी।
- शिवप्रसाद मदन नकाते, जिला कलक्टर बाड़मेर





No comments:
Post a Comment