जयपुर। दुनिया में कृत्रिम पैर निर्माण (जयपुर-फुट) की परिकल्पना को साकार कर जयपुर को अलग पहचान दिलाने वाले मास्टर रामचन्द्र शर्मा (94 ) का सोमवार को जयपुर में निधन हो गया। वे कुछ समय से बीमार थे।
एसएमएस अस्पताल के पुनर्वास-अनुसंधान केन्द्र में शिल्प प्रशिक्षक के पद पर कार्य करने के दौरान रामचन्द्र ने 1967-68 में डॉ. पीके सेठी के साथ मिलकर कृत्रिम पैर (जयपुर-फुट) की परिकल्पना साकार की। इसके लिए दोनों को संयुक्त रूप से कई अवार्ड मिले।
जयपुर-फुट की दुर्लभ खोज ने विश्व में लाखों पैर गवां चुके व्यक्तियों को नया जीवन दिया। वे कान, नाक, अंगुली आदि कुछ और कृत्रिम अंग बनाने में नवीन खोज करते रहे। शर्मा को उनके अविष्कार के लिए कई बार सम्मानित किया।
सेवानिवृत्ति के बाद भी वे समाज सेवा में लगे रहे और अंतिम समय तक भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति, जयपुर के माध्यम से कृत्रिम अंग प्रत्यारोपण के माध्यम से जनसेवा करते रहे।





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