नई दिल्ली। आईपीएल का 11वां संस्करण खत्म हो चुका है और चेन्नई सुपर किंग्स तीसरी बार ये खिलाब जीत चुका है। इस आईपीएल में दो साल बाद वापसी करने वाली दो टीम राजस्थान रॉयल्स और चेन्नई सुवेर किंग्स ने अच्छा प्रदर्शन किया। राजस्थान ने प्लेऑफ तक का सफर तय किया था। लेकिन वे एलिमिनेटर मैच में कोलकाता के हाथों हार कर बार हो गए थे। इतना ही नहीं एलिमिनेटर से ठीक पहले राजस्थान रॉयल्स के मेंटर शेन वॉर्न और टीम के दो अहम खिलाड़ी जोस बटलर और बैन स्टोक्स लीग छोड़ कर स्वदेश वापस लौट गए थे। वॉर्न के ऐसे देश वापस लौट जाने पर टीम के मालिक मनोज बदले ने प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
आईपीएल छोड़ देश लौट गए थे वार्न
जी हां! आईपीएल के इतिहास में ऐसे बहुत काम मेंटर और कोच देखे हैं जो अपनी टीम को आईपीएल के बीच में ही छोड़ कर देश वापस लौट गए हों। खास कर तब जब टीम एलिमिनेटर जैसा अहम मुकाबला खेल रही हो। लेकिन राजस्थान रॉयल्स के मेंटर शेन वार्न एक नहीं बल्कि इस टूर्नामेंट में दो बार आईपीएल छोड़ देश गए थे। वार्न आईपीएल शुरू होने के दूसरे हफ्ते में ही 10 दिनों के लिए ऑस्ट्रेलिया अपने परिवार के पास लौट गए थे। वहीं दूसरी बार ठीक एलिमिनेटर से पहले। अगर राजस्थान रॉयल्स फाइनल में पहुँचता तो वार्न एक बार फिर वापस भारत आते। क्या वार्न के एलिमिनेटर के वक़्त टीम के साथ मौजूद होने से राजस्थान रॉयल्स को कोई फायदा होता? सायद हां! लेकिन जब यही सवाल टीम के सह-मालिक मनोज बदले से पुछा गया तो उन्होंने कहा जोस बटलर और बैन स्टोक्स के ना होने से टीम को ज्यादा फर्क पड़ा है। अगर ये दो खिलाड़ी टीम के साथ होते तो सायद परिणाम कुछ और होता।
राजस्थान ने किया अच्छा प्रदर्शन
बदले ने कहा "टूर्नामेंट के आखिरी में कोचिंग और मेंटर का ज्यादा काम नहीं होता उन्हें जो करना था वो कर चुके अब तो बस हर एक खिलाड़ी को अपनी जिम्मेदारी समझने और अच्छा प्रदर्शन करने की ज़रूरत थी। हमारे प्रदर्शन पर कुछ अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के न होने से फर्क पड़ा है लेकिन राजस्थान ने अच्छा प्रदर्शन किया और दिखा दिया के वे इस टूर्नामेंट को जीत सकते हैं। बता दें राजस्थान रॉयल्स को एलिमिनेटर में कोलकाता नाईट राइडर्स के हाथों हार का सामना करना पड़ा था जिसके कारण वे टूर्नामेंट से बाहर हो गए थे।





No comments:
Post a Comment