बूंदी/जजावर. एनएच 148डी का लोकार्पण भले नहीं हुआ हो, लेकिन दुर्घटनाओं का सिलसिला शुरू हो गया। बीते एक वर्ष में ही इस सडक़ पर कितनी ही मां ने अपना बेटा खो दिया तो न जाने कितनी सुहागने विधवा हो गई। यहां जानकारों की पीड़ा है कि अगर समय रहते इलाज हो जाता तो कई जानें बचाई भी जा सकती थी।
एनएच148 डी उनियारा से जहाजपुर के बीच की 140 किलोमीटर की दूरी पर अभी चिकित्सा सुविधा के बेहतर इंतजाम नहीं हैं।
तीन विधानसभा क्षेत्र में जजावर अस्पताल नजदीक
एनएच 148 डी जो कि तीन मुख्य विधानसभा क्षेत्र उनियारा, हिंडोली व जहाजपुर से जुड़ा हुआ है। 140 किलोमीटर की दूरी के बीच नेशनल हाईवे 148डी पर जजावर अस्पताल ही है जो हाई-वे किनारे पर स्थित है। जजावर अस्पताल से जिला मुख्यालय करीब 50 किलोमीटर है। जहां पहुंचते-पहुंचते कई जनों की मौत हो चुकी है।
जनप्रतिधियों ने भी उठायी आवाज
जजावर अस्पताल को ट्रोमा में परिवर्तित करने को लेकर ग्रामीणों की मांग के बाद जनप्रतिनिधियों ने भी उठाई। भाजपा देहात महामंत्री दीक्षांत सोनी ने बताया कि इस मांग को सांसद सुभाष बहेडिया, भाजपा जिलाध्यक्ष महिपत सिंह हाड़ा तक पहुंचा दिया।
ट्रोमा सेंटर बने तो मिले सुविधा
ट्रोमा सेंटर में सर्जरी विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ, महिला रोग विशेषज्ञ के साथ-साथ स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट व विभिन्न तरह का मेडिकल स्टाफ तैनात रहेगा, वहीं ट्रोमा सेंटर की अपनी एंबुलेंस भी होगी। ट्रोमा सेंटर में वो हर सुविधा होगी जो किसी बड़े अस्पताल की इमरजेंसी में होती है ताकि हादसे का शिकार होने वाले व्यक्ति मेडिकल सुविधा के अभाव से दम न तोड़ जाएं।
मौत का बढ़ता ग्राफ
एनएच 148 डी पर होने वाली दुर्घटनाओं की बात करें तो आंकड़े चौकाने वाले हो गए।पुलिस सूत्रों के अनुसार जनवरी 2018 से लेकर अब तक दो दर्जन के करीब लोग हादसे के शिकार हो गए। जिनमें से कई की मौत हो चुकी।इनमें हिंडोली थाना इलाके में 4 की मौत व 8 घायल, बसोली थाना इलाके में 6 की मौत व डेढ़ दर्जन घायल, दबलाना थाना इलाके में 5 जनों की मौत व 7 घायल तथा नैनवां थाना इलाके में 4 की मौत व 2 जने घायल हो चुके हैं।
जजावर अस्पताल एनएच 148 डी से बिल्कुल सटा हुआ है। ट्रोमा सेंटर में बदला जाने के लिए सरकार को दो बार पत्र लिख दिया।इसका निर्णय सरकार के स्तर पर ही होगा।
डॉ. सुरेश जैन, सीएमएचओ, बूंदी





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