- 481 विद्यालय है जिले में सीनियर सैकण्डरी
-144 का परिणाम रहा शत प्रतिशत
- 250 के करीब स्कूल 90 प्रतिशत से पार
बाड़मेर. शिक्षा की दृष्टि से पिछड़ा माने जाने वाला बाड़मेर जिला लगातार कमाल कर रहा है। इस बार बारहवीं कला के नतीजों में यहां के 144 स्कूलों का परिणाम शत प्रतिशत रहा है। जिले में पहली बार व्याख्याताओं के अधिकतम पद भरे जाने का परिणाम नतीजों में नजर आया है। जिले में 481 सरकारी उच्च माध्यमिक विद्यालय है। शत प्रतिशत परिणाम के साथ ही 90 से 99 प्रतिशत परिणाम में भी 250 के करीब स्कूल है। इन स्कूलों में एक दो विद्यार्थी ही अनुत्तीर्ण हुए है।
प्राइवेट स्कूलों को पछाड़ा- कलावर्ग के परिणाम में सरकारी स्कूलों ने प्राइवेट स्कूलों को भी पछाड़ा है। जिले के निजी स्कूलों में शत प्रतिशत में पांच-सात स्कूल भी नहीं है।
पदभरने का रहा परिणाम-
जिले में 481 स्कूलों में से इस बार 280 स्कूलों में प्राचार्य के पद भरे हुए थे। इसके अलावा व्याख्याता के भी स्वीकृत करीब 2200 पदों में से 1900 से अधिक की नियुक्ति थी। एेसे में स्टाफ पूर्ण होने से परिणाम भी बेहतर रहा है।
स्थानीय व्याख्याता है ज्यादा- काउंसलिंग और पदोन्नति में स्थानीय व्याख्याताओं की नियुक्ति एक साल में सर्वाधिक हुई। गांव व कस्बे के निकट के ही व्याख्याता नियुक्त हुए है। पदोन्नत हुए व्याख्याताओं की वजह से सरकारी स्कूलों में कक्षाएं नियमित संचालित होने का भी सकून रहा।
144 सरकारी स्कूल 100 प्रतिशत, जिले का परिणाम 89.55
- 14 वें स्थान पर रहा प्रदेश में जिला, पिछली बार था तीसरा
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से घोषित 12वीं कला वर्ग परिणाम में जिले का परिणाम 89.55 प्रतिशत रहा है। प्रदेश में जिले को 14वां स्थान रहा है, पिछले वर्ष जिला तीसरे स्थान पर था। जिले के 144 सरकारी स्कूलों का नतीजा शत प्रतिशत रहा। जिले के सात दृष्टिबाधितों ने भी बारहवीं प्रथमश्रेणी से उत्तीर्ण की है।
कुल पंजीकृत: 17131
परीक्षा में बैठे: 16864
छात्र
प्रथम श्रेणी: 4175
द्वितीय श्रेणी : 4382
तृतीय श्रेणी :701
केवल उत्तीर्ण: 3
प्रतिशत: 89.78
छात्राएं
प्रथम श्रेणी: 2688
द्वितीय श्रेणी :2697
तृतीय श्रेणी :455
केवल उत्तीर्ण: 01
प्रतिशत: 89.19
पिछले 5 सालों का परिणाम
2013 : 74.85
2014 : 78.05
2015 : 81.47
2016 : 84.14
2017 : 91:14





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