बूंदी.राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य सुनील सिंघी की अध्यक्षता में मंगलवार को कलक्ट्रेट सभागार में प्रधानमंत्री के 15 सूत्रीय कार्यक्रम की समीक्षा बैठक हुई।
बैठक में आयोग सदस्य सिंघी ने विभिन्न योजनाओं में अल्पसंख्यकों की भागीदारी की जानकारी ली और निर्देश दिए कि गंभीर प्रयास करते हुए इसमें बढोतरी करें। उन्होंने यह भी कहा कि अल्पसंख्यक वर्ग को मुख्यधारा से जोडने के लिए उनकी बस्तियों में जाकर शिविर लगाए। योजनाओं की जानकारी दें। अल्पसंख्यक बाहुल्य क्षेत्रों में आंगनबाड़ी केन्द्रों की संख्या बढ़ाने, अल्पसंख्यक समुदाय से महिला कार्यकर्ता नियुक्त करने, कौशल विकास में लक्ष्य के मुताबित अल्पसंख्यकों को प्रशिक्षण एवं ऋण देने के भी निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि शिक्षा का स्तर बढऩा चाहिए।
बैठक में जिला कलक्टर महेश चन्द्र शर्मा ने विश्वास दिलाया कि सभी संबंधित विभागों का आमुखीकरण करते हुए इस दिशा में गंभीरता के साथ प्रयास किए जाएंगे। बैठक में पुलिस अधीक्षक योगेश यादव आदि सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे। अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी हमीद उल हक ने विभिन्न बिन्दुओं पर प्रगति की विस्तार से जानकारी दी।
अल्पसंख्यकों के हित को दे रहे प्राथमिकता
राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग सदस्य सुनील सिंघी ने कहा कि भारत सरकार ने अल्पसंख्यक समुदाय के सबलीकरण के लिए कई कार्य किए हैं। अल्पसंख्यकों के स्वावलम्बन व शिक्षा के लिए योजनाएं शुरू की है।जिलों में पहुंचकर अल्पसंख्यकों की समस्याओं, उनकी बेहतरी और उन्हें विकास की राह पर लाने के लिए निरन्तर प्रयास किए जा रहे हैं।
आयोग सदस्य सिंघी मंगलवार को बूंदी पहुंचे। यहां सर्किट हाउस में उन्होंने जनसुनवाई की। सिंघी ने कहा कि केन्द्र सरकार ने अल्पसंख्यकों के हित को प्राथमिकता देते हुए उनके लिए योजनाओं में दोगुनी से भी अधिक राशि 48 सौ करोड़ का बजट प्रावधान किया। इसमें 75 फीसदी शिक्षा के लिए है।
अल्पसंख्यक समुदाय के बीच जाकर उनमें विश्वास पैदा किया है और समरसता कायम की है। उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार ने भी बजट में मदरसों के लिए 25 करोड़ का प्रावधान किया है।
सुनी समस्याएं
राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग सदस्य सिंघी ने सर्किट हाउस में जन सुनवाई की। समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। कापरेन कबीर समाज के पदाधिकारियों, उम्रदराज व अशरफ अली ने कब्रिस्तान की चार दीवारी का मुद्दा रखा। जिस पर अमल करते हुए आयोग सदस्य सिंघी ने जिला कलक्टर को इस प्रकरण में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। एडवोकेट शिफाउलहक, अबरार,अब्दुल रहीम,जमील अहमद, सईद अंसारी,मेहबूब अली ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से अनुसूचित जाति,जनजाति विकास निगम की ओर से 50 हजार रुपए तक के ऋण माफ किए हैं जबकि अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को यह ऋण माफ नहीं किए गए।जन सुनवाई के दौरान जावटीकलां के पूर्व सरपंच बलदेव सिंह ने बन्दूकों के लाइसेंस नवीनीकरण का प्रकरण भी रखा। उपसभापति डॉ. हिना, पार्षद योगेन्द्र जैन, माटूंदा सरपंच महेन्द्र शर्मा, किसान नेता अनिल जैन, प्रदीप चौधरी, हुमेरा केसर, अखिलेश जैन नैनवां, प्रकाश चंद आदि मौजूद थे।





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