अजमेर
स्कूल में शिक्षक बनने के इच्छुक अभ्यर्थियों का इंतजार बीस महीने बाद खत्म होगा। सीबीएसई ने इस वर्ष 16 सितम्बर को केंद्रीय अध्यापक पात्रता परीक्षा (सीटेट) कराने का फैसला किया है। इसके आवेदन 22 जून से प्रारंभ होंगे।
स्कूल में शिक्षक बनने के लिए सीबीएसई के तत्वावधान में केंद्रीय अध्यापक पात्रता परीक्षा (सीटेट) कराई जाती है। साल 2015-16 तक परीक्षा फरवरी और सितम्बर में कराई जाती रही थी। इसके तहत अंतिम बार 18 सितम्बर 2016 को यह परीक्षा हुई। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने नेट-आरएफ की तरह सीटेट भी प्रतिवर्ष एक बार कराने का फैसला लिया लेकिन 20 महीने तक कोई अधिसूचना जारी नहीं हुई।
अब लिया परीक्षा का फैसला
सीबीएसई ने लम्बे अर्से तक सीटेट पर स्थिति स्पष्ट नहीं की। देश के कई हिस्सों में नौजवानों ने नाराजगी जताई। पीएमओ, मानव संसाधन विकास मंत्रालय सहित कई आयोग को पत्र भेजे गए। लगातार बढ़ते दबाव के चलते बोर्ड ने इस वर्ष सीटेट कराने का फैसला किया है। इसके ऑनलाइन फार्म 22 जून से भरने शुरू होंगे। फार्म भरने की अंतिम तिथि 19 जुलाई होगी।
इसीलिए कराई जाती है परीक्षा
केंद्र सरकार ने सीबीएसई, केंद्रीय विद्यालय, जवाहर नवोदय और अन्य स्कूल में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक और अन्य स्तर पर शिक्षकों की भर्ती के लिए केंद्रीय अध्यापक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करना जरूरी किया है। विभिन्न प्रदेशों में भी राज्य स्तरीय परीक्षा कराई जाती है।
किए अंक गणना के आवेदन
सीबीएसई के दसवीं और बारहवीं के विद्यार्थियों ने मंगलवार को अंक गणना के लिए ऑनलाइन आवेदन किए। अब वे 15 और 16 जून तक जंची हुई कॉपी की प्रति के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसके बाद पुनर्मूल्यांकन के आवेदन लिए जाएंगे। सीबीएसई प्रतिवर्ष बारहवीं और दसवीं के विद्यार्थियों को अंकों की गणना और जंची हुई उत्तर कॉपी की प्रति लेने की सुविधा देता है। अंक गणना के लिए प्रति विषय 500 रुपए फीस निर्धारित थी।
उत्तर कॉपी की प्रति के आवेदन 15 से
अंकों की गणना के लिए आवेदन करने वाले विद्यार्थी जंची की उत्तर कॉपी की प्रति ले सकेंगे। ऑनलाइन आवेदन 15 और 16 जून को किए जा सकेंगे। दसवीं के विद्यार्थियों को 500 और बारहवीं के विद्यार्थियों को प्रति विषय 700 रुपए फीस देनी होगी।
पुनर्मूल्यांकन आवेदन 21 से
विद्यार्थी जंची हुई उत्तर पुस्तिका का पुनर्मूल्यांकन (री-इवेल्यूशन) करा सकेंगे। आवेदन 21 और 22 जून को किए जा सकेंगे। अंकों की गणना, जंची हुई उत्तर कॉपी के लिए आवेदन करने वाले विद्यार्थियों को ही यह सुविधा मिलेगी। साथ ही विद्यार्थी थ्योरी पार्ट में ही पुनर्मूल्यांकन करा सकेंगे। प्रति प्रश्न के पुनर्मूल्यांकन के लिए सौ रुपए शुल्क देय होगा।





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