राष्ट्रीय मिति आषाढ़ 03 शक संवत् 1940 ज्येष्ठ शुक्ल द्वादशी रविवार विक्रम सम्वत् 2075। सौर आषाढ़ मास प्रविष्टे 10 शव्वाल 09 हिजरी 1439 तदनुार अंग्रेजी तारीख 24 जून सन् 2018 ई०। दक्षिणायन, वर्षा ऋतु।
राहुकाल सायं 04 बजकर 30 मिनट से 06 बजे तक द्वादशी तिथि अगले तड़के 04 बजकर 55 मिनट तक उपरान्त त्रयोदशी तिथि का आरंभ, विशाखा नक्षत्र अगले तड़के 05 बजकर 01 मिनट तक उपरान्त अनुराधा नक्षत्र का आरंभ, सिद्धि योग अर्धरात्रोत्तर 12 बजकर 18 मिनट तक उपरान्त साध्य योग का आरंभ।
आज के मुहर्त- अनुकूल समय में वस्तु विशेष का विक्रय करने के लिए शुभ मुहूर्त है।
बव करण सायं 04 बजकर 28 मिनट तक उपरान्त बालव करण लगेगा। चन्द्रमा रात्रि 10 बजकर 33 मिनट तक उपरान्त वृश्चिक राशि में प्रवेश करेगा। आज ही चम्पक द्वादशी।
आज जन्में बच्चे
आज जन्म लिए बच्चों के नाम (ती, तू, ते, तो, ना) अक्षरों पर रख सकते है। आज जन्म लिए बच्चे शरीर से सामान्य होंगे। ऐसे जातक राष्टप्रेमी व अल्प परिवार के होंगे। प्रायः संस्कार को मानने वाले होंगे। शिक्षा को पूर्ण करेंगे। धन संपदा से परिपूर्ण रहेंगे।
पंचांग क्या है
पंचांग या पंचागम् हिन्दू कैलेंडर है जो भारतीय वैदिक ज्योतिष में दर्शाया गया है। पंचांग मुख्य रूप से 5 अव्यवों का गठन होता है, अर्थात् तिथि, वार, नक्षत्र, योग एवं करण। पंचांग मुख्य रूप से सूर्य और चन्द्रमा की गति को दर्शाता है। हिन्दू धर्म में हिन्दी पंचांग के परामर्श के बिना शुभ कार्य जैसे शादी, नागरिक सम्बन्ध, महत्वपूर्ण कार्यक्रम, उद्घाटन समारोह, परीक्षा, साक्षात्कार, नया व्यवसाय या अन्य किसी तरह के शुभ कार्य नहीं किये जाते ।जैसा कि प्राचीन समय से बताया गया है कि हर क्रिया के विपरीत प्रतिक्रिया होती है। इसी तरह जब कोई व्यक्ति पर्यावरण के अनुरूप कार्य करता है तो पर्यावरण प्रत्येक व्यक्ति के साथ समान तरीके से कार्य करता है। एक शुभ कार्य प्रारम्भ करने से पहले महत्वपूर्ण तिथि का चयन करने में हिन्दू पंचांग मुख्य भूमिका निभाता है। पंचांग एक निश्चित स्थान और समय के लिये सूर्य, चन्द्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति को दर्शाता है। संक्षेप में पंचांग एक शुभ दिन, तारीख और समय पे शुभ कार्य आरंभ करने और किसी भी तरह के नकारात्मक प्रभाव को नष्ट करने का विचार प्रदान करता है।





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