- 11.25 पर हुआ हादसा
- 11.45 बजे 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची
- 11.59 बजे पुलिस मौके पर पहुंची
- 1.30 बजे बाहर निकाला गया युवक को कार से
जालोर. शहर के औद्योगिक औद्योगिक क्षेत्र तृतीय चरण से आगे मोहन जी की प्याऊ के पास रविवार देर रात हुए एक दर्दनाक हादसे में एक कार हादसे को संसाधनों के अभाव में अपनी जान गंवानी पड़ी। जानकारी के अनुसार मूल रूप से नागौर जिले के गिंडाली निवासी महिपालसिंह (२८) पुत्र श्रवणसिंह जाट हाल ढाका ग्रेनाइट (चौधरी ब्रदर्स) रात को जालोर शहर की तरफ आ रहा था। इस दौरान संभवत: कार अनियंत्रित हो गई और पेड़ों में कार फंस गई और क्षतिग्रस्त हो गई सूचना के बाद में मौके पर पुलिस और लोगों की भीड़ जुट गई कार काफी ज्यादा क्षतिग्रस्त हो गई थी, इसलिए इसमें चालक बुरी तरह से फंस गया। हादसे के बाद हालांकि चालक जीवित था जिसे निकालने के काफी प्रयास हुए, लेकिन उसे समय पर नहीं निकाला जा सका बाद में क्रेन को मौके पर बुलाया गया और उसके बाद कार की बॉडी को चीर कर युवक को बाहर निकाला गया लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
एयर बेग खुले, लेकिन हादसा पड़ा भारी
कार न्यू वर्जन की थी और दुर्घटना से निपटने और हादसे में बचाव के लिए इसमें संसाधन भी थी। कार पेड़ से टकराई तो उसमें से एयर बेग भी निकले, लेकिन कार टकराने के बाद काफी ज्यादा क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे हादसे के बाद घायल को समय पर बाहर नहीं निकाला जा सका, जो युवक की मौत का कारण बना।
ये थे 2 घंटे पहले के हालात
मृतक के मित्र और दूर के रिश्तेदार ग्रेनाइट उद्यमी भंवरलाल छबरवाल के अनुसार रात को महिपालसिंह उनकी ग्रेनाइट में ही थे और रात को 11 बजे के बाद लौट गया। लेकिन इस दौरान वह अपनी रहवास की चाबी वहीं भूल आए। रात को वही चाबी लेने के लिए वह कार लेकर फिर से भंवरलाल छबरवाल की ग्रेनाइट यूनिट की तरफ बढ़ रहे थे। इस दौरान अज्ञात कारणों से कार अनियंत्रित हो गई और कार पेड़ से जा टकराई। महिपालसिंह मोहनजी प्याऊ से आगे चौधरी ब्रदर्स यूनिट किराए पर ले रखी थी और करीब 6 महीने पहले ही जालोर आए था।
पीएम हुआ
देर रात को काफी मशक्कत के बाद करीब ढाई घंटे की मशक्कत के बाद युवक को बाहर निकाला जा सका। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान युवक जिंदगी और मौत की जंग लड़ता रहा। इस दौरान एक क्रेन से युवक को बाहर निकालने के लिए एक क्रेन को बुलाया गया। जिसके बाद कार की बॉडी को चीर कर उसे बाहर निकाला गया, जिसे डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। सवेरे पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सुपुर्द किया गया।
पत्रिका अलर्ट
जालोर में औद्योगिक क्षेत्र तृतीय चरण से रेवत-भागली नाका तक का क्षेत्र दुर्घटना संभावित क्षेत्र है और पूर्व में भी इस क्षेंत्र में गंभीर हादसे हो चुके हैं। इस मार्ग पर वर्तमान में ट्रेफिक अधिक रहता है और भारी वाहनों की आवाजाही अधिक रहती हैं। इस मार्ग पर जरा सी लापरवाही हादसे का कारण बनती है। जैसा कि रविवार रात को हुआ। इस मार्ग पर ट्रेफिक काफी अधिक रहता है। ऐसे में वाहनों की आवाजाही व्यवस्थित रखने के लिए डिवाइडर की आवश्यकता है, लेकिन इस मार्ग पर अमल नहीं किया जा रहा। गंभीर हादसों को देखते हुए मार्ग पर डिवाइडर का निर्माण होना चाहिए।





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