करौली (राजस्थान).
जहां मुख्यमंत्री सूबे में शासन-प्रशासन के अधिकारियों को फरियादियों की शिकायत सुनने व अपराधियों पर एक्शन लिए जाने की हिदायतें देती हैं, वहीं दूसरी ओर नियम कायदों की धज्जियां ऐसे उड़ती हैं जैसे कि कोई उन्हें रोकने वाला ही न हो।
करौली के टोडाभीम स्थित कमालपुरा में आयोजित न्याय आपके द्वार शिविर में फरियाद लेकर पहुंचे एक व्यक्ति पर एसडीओ ने जमकर गुस्सा ढहाया। लोगों के सामने ही उसका गला पकड़ पकड़कर मारा, लात और घूंसों से पीटा। बाल भी नोंचे।
वहीं से गुजर रहे राजस्थान पत्रिका के संवाददाता के हाथ इस घटना का पूरा वीडियो लग गया। वीडियो में साफ दिख रहा है कि किस तरह निर्दयता से फरियादी को मारा-पीटा जा रहा है।
उसे बुरी तरह नोंच फफेरने के बाद भी एसडीओ व उसके समर्थक कर्मियों का गुस्सा शांत नहीं हुआ तो फरियादी को शांतिभंग के आरोप में उसे सिपाही बुलाकर अंदर भी करा दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, फरियादी प्रकाश पुत्र ओंकारलाल मीना निवासी कमालपुरा मंगलवार को कमालपुरा गांव में फरियाद लेकर पहुंचा था। इस दौरान उसकी एसडीओ से कहासुनी हो गई। बात ही बात में इस पर गुस्साए एसडीओ ने पुलिस का उग्र चेहरा दिखा दिया। विडंबना यह है कि यहां मौजूद अन्य लोग इसका तमाशा देखते रहे। इसका वीडियो शोसल साइट्स पर तेजी से वायरल हो रहा है।
चार साल से एक ही सीट पर बैठे हैं एसडीओ
यों तो सरकार के नियम हैं कि एक पद पर एक ही जगह अधिकारी ३ वर्ष से अधिक नहीं रहेगा, लेकिन सरकार की टोडाभीम एसडीओ पर विशेष मेहरबानी लगती है। आर्य यहां पर करीब साढ़े चार साल से पदस्थापित हैं। इस बीच समस्याओं की अनदेखी करने और शिकायत लेकर पहुंचने वाले फरियादियों को तवज्जो नहीं देने की शिकवे-शिकायतें भी हुईं, लेकिन उन्हें अनदेखा ही किया गया।
यह कैसा न्याय?
रास्ते में जलभराव की जिस शिकायत को लेकर प्रकाश को उपखंड अधिकारी का कोप भाजन सहना पड़ा था उस मामले में क्षेत्र के लोग अनेक बार हर स्तर पर शिकायत कर चुके हैं। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि न्याय आपके द्वार शिविर में इस रास्ते की समस्या का अधिकारी हल निकालेंगे। इसी उम्मीद के साथ प्रकाश सहित कुछ ग्रामीण यहां पहुंचे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार प्रकाश ने एसडीओ से यह बोल दिया कि आप बाहर निकलकर भी तो देखो। इसी पर वह बिगड़ गए।
आखिर किसकी गलती
इस मामले में यह जाहिर हो ही गया कि प्रशासन के इशारे पर पुलिस किसी को भी हवालात दिखा देती है। प्रकाश का कुसूर बस इतना ही था कि वह जोर से बोला। उसकी एसडीओ ने शिकायत की और पुलिस ने उसे बंद कर डाला। यह जांच करना भी मुनासिब नहीं समझा कि आखिर इसमें गलती किसकी है।





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