नर्इ दिल्ली। कम समय में अधिक से अधिक पैसे कमाने की चाहत किसको नहीं होती है। आप भी सोचते होंगे जल्द से जल्द आखिर कैसे पैसे कमाएं जाएंं। अगर सच में आप भी एेसा सोचते हैं तो आपको पास घर बैठे 50 हजार रुपए कमाने का मौका है, वो भी बेहद आसान तरीके से। दरअसल भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्रार्इ) ने अपने वार्इफार्इ सर्विस का वैकल्पिक नाम सुझाने आैर इसका लोगो डिजाइन करने के लिए एक प्रतियोगिता का आयोजन किया है। जो भी इस प्रतियोगिता में विजयी होगा उसे इनाम के तौर पर ट्रार्इ 50,000 रुपए की राशि देगी । तो आइए जानते हैं क्या है इसकी प्रक्रिया आैर आप कैसे इस प्रतियोगिता में भाग ले सकते हैं।
प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए क्या है प्रक्रिया
इस प्रतियोगिता का आयोजन ट्रार्इ ने पब्लिक डाटा आॅफिस (पीडीआे ) के लिए एक वैकल्पिक नाम सुझाने आैर इसका लोगो डिजाइन करने के लिए कर रही है। इस प्रतियोगिता में आपको भाग लेने के लिए सबसे पहले आपको रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इसके लिए अाप ट्रार्इ के अाधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। आपने जो नाम सोचा है आैर जो लोगो डिजाइन किया है उसे जमा करने की अंतिम तारीख 2 जुलार्इ है। दरअसल केन्द्र सरकार ने एक योजना के तहत देश के ग्रामीण आैर पिछड़े इलाके में ब्राॅडबैंड की पहुंच बढ़ाने की कोशिश कर रही है। सरकार की कोशिश है कि देश में इस योजना के तहत इन इलाकों में इंटरनेट की लागत को 90 फीसदी तक कम किया जाए। इसके लिए सरकार पूरे देश में पीसीआे की तर्ज पर पब्लिक डाटा आॅफिस बनाने जा रही है।
पीसीआे की तरह कर सकेंगे पीडीअो का इस्तेमाल
जैसे पीसीआे पर लोग फोन काॅल करने जाते थे वैसे ही इस पीडीआे पर लोग अाकर इंटरेट का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। पीसीआे की तरह ही लाेगों को डाटा इस्तेमाल करन के लिए 2 से 20 रुपए तक खर्च करने होंगे। इसी कीमत के हिसाब से ये तय होगा की आप कितना डाटा का इस्तेमाल कर पाएंगे। अाप कम से कम आधे घंटे अौर अधिकतम 24 घंटे तक डाटा का इस्तेमाल कर सकते है। इसके पीछे सरकार की सोच है कि एेसे अधिक से अधिक लोग इंटरनेट का इस्तेमाल कर पाएंगे आैर समय के साथ डाटा की कीमतें भी कम होंगी। ट्रार्इ के इस पायल प्रोजेक्ट के तहत सरकार जल्द से जल्द इसको लेकर दिशा-निर्देश जारी करेगी। हालांकि टेलिकाॅम कंपनियों का संगठन सेल्युलर आॅपरेटर्स एसोसिएशन आॅफ इंडिया ने सरकार के इस पहल का विरोध करते हुए कहा है कि इस वजह से देश में टेलिकाॅम कंपनियों रेवेन्यू कम होगा।





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