बूंदी. शौर्य, साहस, बल, पराक्रम का प्रतिनिधि ग्रह मंगल 27 जून को अपनी उच्च राशि मकर में वक्री हो रहा है। पहले से ही मकर राशि पर केतु साथ होने से ये अंगारक योग बनेगा 19साल बाद केतु मंगल का मकर राशि पर सयोंग बना है लगभग तीन माह के लिए वक्री हो रहे मंगल के कारण सभी राशियां प्रभावित होंगी।
खासकर जो लोग मंगल की महादशा, अंतर्दशा से गुजर रहे हैं, या जिनकी जन्मकुंडली में मंगल वक्री हों या नेष्टप्रद हों उन्हें इस दौरान कई तरह के संकटों से गुजरना पड़ सकता है। लोगों पर कर्ज बढ़ेगा, भूमि, भवन, संपत्ति संबंधी कार्य अटकेंगे।
अपनी उच्च राशि मे मंगल वक्री
ज्योतिषाचार्य अमित जैन ने बताया शनि पहले से ही वक्री चल रहा है और मकर शनि की ही राशि है जिसमें मंगल वक्री हो रहा है, तो दोनों ग्रह मंगल और शनि के एक साथ वक्रत्व काल से गुजरना शुभ नहीं कहा जा सकता। इससे पृथ्वी पर अनाचार, अत्याचार बढ़ेंगे।
बड़ी प्राकृतिक आपदाएं आएंगी। धरती के कुछ इलाकों में अति वृष्टि के कारण तबाही आ सकती है। भूकंप, बाढ़, जलजला, समुद्र में तूफान, समुद्र में ज्वालामुखी का फटना, समुद्र में भूकंप, तेल के कुओं में आग लगने जैसी घटनाएं हो सकती हैं। देश में बड़ी राजनीति उठापटक होगी। किसी बड़े नेता की हानि हो सकती है। सैन्य प्रधान देशों में स्थिति बिगड़ सकती है।
मंगल का वक्रत्व काल
ज्येष्ठ शुक्ल चतुर्दशी बुधवार दिनांक 27 जून 2018 को मंगल शनि की राशि मकर में वक्री हो रहा है। मकर मंगल की उच्च राशि भी है। यह ग्रह 27 जून की मध्यरात्रि के बाद 2.35 मिनट पर वक्री होगा और 27 अगस्त 2018 भाद्रपद कृष्ण प्रतिपदा सोमवार को सायं 7.35 बजे इसी राशि में मंगल मार्गी हो जाएगा।
राशियों पर मंगल का असर
मेष-घर-परिवार में मन-मुटाव बढ़ सकता है।
वृष-धन लाभ के साथ पदोन्नति हो सकती है।
मिथुन-शारीरिक कष्ट हो सकता है। कर्क-मित्रों से सहयोग मिलेगा। सिंह-ट्रांसफर के योग बन रहे हैं। कन्या-तनाव और खर्च बढ़ेगा। तुला-वाहन प्राप्ति के योग हैं।
वृश्चिक- धार्मिक कार्यों में शामिल होने का मौका मिलेगा। धनु-किसी बड़ी यात्रा पर जाना पड़ सकता है। मकर-कोई शुभ समाचार मिल सकता है। कुंभ-घर-परिवार में कोई मांगलिक कार्य हो सकता है। मीन-मीन राशि के लोगों को अचानक धन लाभ मिल सकता है।





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