नैनवां. बीएजेएम महाविद्यालय विकास समिति की सोमवार शाम को समिति के अध्यक्ष व उपखंड अधिकारी विकास पंचोली की अध्यक्षता में हुई बैठक में महाविद्यालय को सर्वससम्मति से सरकारी करने का प्रस्ताव पारित किया। समिति की शाम चार बजे बैठक शुरू हुई। बैठक में बताया कि नैनवां के स्ववित्तपोषी बीएजेएम महाविद्यालयों को वापस राज्याधीन किए जाने के मामले में 21 जून को अतिरिक्त मुख्य सचिव उच्च शिक्षा व तकनीकी शिक्षा विभाग सुनवाई करेंगे।
सुनवाई करने के लिए समितियों से लिखित में पूर्ण तथ्यों सहित अभ्यावेदन या जवाब पेश करने के मामले में चर्चा की गई। समिति के अध्यक्ष व उपखंड अधिकारी ने बताया कि बैठक में समिति ने सर्वसम्मति से कॉलेज को सरकारी करने व 21 जून को सचिवालय में अतिरिक्त मुख्य सचिव द्वारा की जाने वाली सुनवाई में अच्छी से अच्छी पैरवी की जाएगी। तत्थ्यात्मक व सकरात्मक रिपोर्ट व अभ्यावेदन तैयार करने के लिए समिति के चार सदस्यों की समिति बनाई है। समिति में प्राचार्य पंकज गुप्ता, पूर्व पालिकाध्यक्ष प्रमोद जैन, गिरिराज शर्मा व सूर्यकुमार जैन को शामिल किया है। समिति मंगलवार को तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार कर लेगी। बैठक में अन्य सदस्य शिवनन्दन शर्मा, सत्यनारायण लबानिया, भारत भूषण गौतम, भवानी सिंह सोलंकी, अनिल रंगीला, नाथूलाल जैन, राजेन्द्र सिंह, महावीर शाह व अमित शर्मा भी मौजूद रहे।
बम्बूली गांव के लोग बैठे धरने पर
कॉलेज को सरकारी करने की मांग को लेकर एबीवीपी का धरना आठवें दिन भी जारी रहा। सोमवार को बम्बूली गांव के विद्यार्थी व अभिभावक राजवीर नागर, बलराम नागर, सचिन बैरागी, अशोक नागर, कालूलाल, रामप्रकाश नागर सहित तीन दर्र्जन धरने पर बैठे। एबीवीपी के विद्यार्थी विकास प्रकल्प के जिला संयोजक दिलखुश पोटर, तहसील सहसंयोजक दिनेश नागर, ओपी मीणा, छात्रावास प्रमुख भंवरलाल सैनी, पार्षद रजनीश शर्मा, दीपक गुर्जर, जितेन्द्र सिंह, शिक्षाविद सत्यनारायण स्वामी, दिलीप नोगिया, आलोक वर्मा भी धरने पर बैठे। गरीब नवाज अंजुमन रीलिफ कमेटी के अध्यक्ष बाबू मोहम्मद मिर्जा के नेतृत्व में कमेटी के सदस्यों ने भी धरने पर बैठकर सरकारी कॉलेज की मांग का समर्थन किया।
अभिभाषक परिषद ने दिया ज्ञापन
नैनवां अभिभाषक परिषद के तत्वावधान में वकीलों ने भी कॉलज को सरकारी करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन उपखंड अधिकारी को दिया। परिषद के अध्यक्ष ओमप्रकाश गुर्जर के नेतृत्व में दिए ज्ञापन में कॉलेज को इसी सत्र में सरकारी करने की मांग रखी। वकीलों ने कॉलेज को सरकारी करने के समर्थन में चल रही मुहिम का समर्थन किया।





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