दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल में तैनात अलवर के मुंगस्का निवासी गिरधर सिंह ने अपने साहस से जिले का नाम रोशन किया है। दिल्ली के छतरपुर इलाके में 9 जून को पुलिस स्पेशल सेल व दिल्ली की मशहूर क्रांति गैंग के बीच हुई मुठभेड़ में हेड कांस्टेबल को एक के बाद एक 4 गोलियां लगी। इसके बावजूद भी वे डटे रहे।
दरअसल, दिल्ली पुलिस को सूचना मिली की क्रांति गैंग का कुख्यात गैंगस्टर राजेश भारती छतरपुर स्थित खरक गांव में आ रहा है, पुलिस ने 30 सदस्यों की टीम भेजी। पुलिस ने इलाके में घेराबंदी कर दी। इसके बाद शुरु हुई मुठभेड़ में कुल 150 राउंड फायर किए गए। मुठभेड़ के दौरान गिरधर सिंह को चार गोलियां लग गई। मुठभेड़ में गैंगस्टर राजेश भारती सहित 4 बदमाश मारे गए व एक बदमाश घायल हो गया।
गर्दन के आर-पार निकल गई गोली
मुठभेड़ के दौरान गोली गिरधर सिंह के गर्दन के आर-पार निकल गई। वहीं दाएं हाथ के अंगूठे व हाथ में भी गोली लगी थी। इसके साथ ही एक गोली बाएं हाथ में फंस गई थी। हेड कांस्टेबल गिरधर के बाएं हाथ में गोली लगने से 8 फ्रैक्चर हुए हैं। घटना के बाद गिरधर को निजी अस्पताल में भर्ती कराया जहां एक सप्ताह इलाज के बाद उसे छुट्टी दे दी।
अभी घर पर आराम कर रहे हैं गिरधर
42 वर्षीय गिरधर सिंह एक सप्ताह अस्पताल में भर्ती रहे। वे अब खतरे से बाहर है व अपने घर पर आराम कर रहे हैं। गिरधर 1997 में दिल्ली पुलिस में भर्ती हुए थे। गिरधर की चार गोलियां लगने के बाद हालत गंभीर हो गई थी, लेकिन उनके साहस के दम पर ही वे ठीक हो सके।
मुठभेड़ में मारा गया इनामी बदमाश
दिल्ली पुलिस व कं्राति गैंग के बीच हुई मुठभेड़ में गैंग का सरगना राजेश भारती मारा गया। राजेश भारती पर दिल्ली व हरियाणा पुलिस की ओर से १ लाख रुपए का इनाम घोषित है।





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