उदयपुर . बाल मन पानी देखकर मचल उठा और गर्मी से निजात पाने के लिए थर्माकॉल को नाव बना तीन मासूम पानी में उतर गए लेकिन वह धोखा दे गया। नियति के इस क्रूर मजाक ने तीन घरों के चिराग बुझा दिए। दिल दहला देने वाला यह हादसा गुरुवार सुबह शहर के गोवर्धनविलास क्षेत्र में जोगी तालाब में हुआ।
गोवर्धनविलास थानाधिकारी भवानीसिंह ने बताया कि किराए के मकान में रहने वाले आदिवासी परिवार के चार बच्चे जोगी तालाब नहाने गए थे। इनमें से तीन तालाब में उतर गए जबकि चौथा बाहर ही बैठा रहा। गहरे पानी में जाने से तीनों बच्चे डूब गए।
मृतकों में काया निवासी शंकर (7) पुत्र भैरा मीणा, बिलख निवासी संजय (8) पुत्र कालू मीणा और टीड़ी फला निवासी प्रकाश (10) पुत्र भैरूमीणा शामिल हैं। हादसे की सूचना पर पुलिस के पहुंचने से पहले आसपास में रहने वाले लोगों ने पास पड़ी नाव की मदद से तीनों बच्चों को बाहर निकाल लिया। पुलिस ने तीनों को एमबी अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सको ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सुपुर्द किए गए।
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नाव छोटी होने से नहीं बैठ पाया
मृतक संजय मीणा के छोटे भाई आशीष ने रोते हुए बताया कि उसका भाई और दोस्त तालाब पर नहाने गए थे। पानी के पास थर्माकोल पड़ा था जिसे नाव बनाकर तालाब में गए। थर्माकॉल पर बैठने की जगह कम थी, इसलिए वह नहीं बैठ पाया। थर्माकोल के डांवाडौल होने से तीनों पानी में गिर गए। उनके डूबने पर वह दौडकऱ घर गया और सबको बताया। मदद के लिए लोगों के पहुंचने से पहले तीनों डूब गए।
बचाने का प्रयास रहा नाकाम
आशीष ने बताया कि हादसे के समय माता-पिता मजदूरी पर गए हुए थे। हादसे की खबर से तीनों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। उनका कहना था कि गरीबी की जिदंगी तो ठीक थी परन्तु ईश्वर ने ऐसा व्रजपात किया जिसको वे जीवन भर नही भूल पाएंगे।





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