बूंदी. रामगंजबालाजी. बूंदी ब्रांच केनाल के निकट नलकूपों में आ रहे दूषित पानी की जांच रिपोर्ट में चौकाने वाला खुलासा हुआ है। इन नलकूपों में जो दूषित पानी आ रहा है वह सीवरेज का है।
दूषित पानी नलकूपों में आने का मामला उजागर होने के बाद जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने आसपास के खेतों में लगे नलकूप व हैंडपम्प में दूषित पानी की जांच के लिए सेम्पल लिए थे। विभाग की ओर से लैब में की गई जांच रिपोर्ट में कोलीफोरम की मात्रा कई गुना अधिक निकली। विभाग ने बूंदी ब्रांच केनाल के निकट लगे हैंडपम्प के लाल रंग करवाकर उसे बंद करवाया है। विभाग ने यहां हैंडपम्प के पानी को पीना तो दूर इसका पानी हाथ पैर धोने के लायक भी नहीं बताया है।
यह आई रिपोर्ट
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने आधा दर्जन किसानों के नलकूप व हैण्डपंप के पानी के सेम्पल लिए थे। जांच के बाद बूंदी ब्रांच केनाल पर लगे हैण्डम्प में २४००, मोतीलाल सैनी के नलकूप में २४००, कन्हैयालाल सैनी के नलकूप में ४६०, लाभ सिंह के नलकूप में ४६०, नाथू लाल सैनी के नलकूप में ११०० कोलीफोरम की मात्रा निकली। जबकि साधारण पानी में १० से २० के बीच रहती है।
दो में निकला टीडीएस
जांच में रेलवे स्टेशन के निकट तरुण राठौर के नलकूप में २२१० टीडीएस की मात्रा पायी गई। वहीं रामगंज स्कूल के पास लगे हैण्डपम्प में भी टीडीएस की मात्रा बढ़ गई।
सीवरेज कंपनी को पत्र
जांच रिपोर्ट आने के बाद अब दूषित पानी के मामले में बूंदी शहर से बिछाई गई सीवरेज लाइन की कम्पनी व ट्रीटमेंट प्लांट वालों को पाइप लाइन की जांच के लिए पत्र लिखेंगे। ताकि वे इसे गंभीरता से ले सके।
जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी। सीवरेज और आस-पास संचालित फैक्ट्री प्रबंधन को पत्र लिख रहे हैं। नलकूपों में जो पानी आ रहा है वह दूषित है। वह पीने योग्य नहीं रहा।
दिनेश कुर्मी, सहायक अभियंता, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, बूंदी





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