जयपुर। प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अश्विनी भगत ने कहा कि 1 से 15 जून तक बीएलओ घर-घर जाकर मतदाता सूचियों के सत्यापन, नाम जुड़वाने और किसी भी प्रकार के संशोधन का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मतदाता सूचियों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अप्रेल माह में अतिरिक्त संभागीय आयुक्त की अध्यक्षता में समिति भी बनाई है जो मतदाता सूचियों की रैंडमली ऑडिट कर रही है। जांच समिति ने मतदाता द्वारा मतदाता सूचियों में अब तक कोई़ त्रुटि नहीं पाई गई। उन्होंने कहा कि राज्य में कहीं भी फर्जी मतदाता होने की कोई शिकायत या सूचना प्राप्त नहीं हुई है।
भगत ने राज्य के सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों से फर्जी मतदाताओं से जुड़ी जानकारी जुटाई, जिसमें पाया गया कि राज्य के सभी जिलों में बेहद सजगता और सावधानी के साथ मतदाता सूचियों के सत्यापन और संशोधन का कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि आयोग और विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता प्रत्येक मतदाता का नाम मतदाता सूची में पंजीकृत करना है।
उन्होंने कहा कि 1 जनवरी 2018 तक 18 वर्ष पूर्ण कर चुके मतदाताओं के नाम पुनरीक्षण कार्यक्रम में जोड़े गए। इसके बाद सबल अभियान चलाकर भी छूटे मतदाताओं के नाम जोड़े गए और अब द्वितीय पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत पात्र मतदाताओं के नाम जोड़े जाएंगे। कार्यक्रम पूरा होने के बाद बीएलओ और निर्वाचन अधिकारी द्वारा कोई भी मतदाता, मतदाता सूची में पंजीकृत होने से वंचित नहीं रहा इसका प्रमाण पत्र भी विभाग द्वारा लिया जाएगा। इसी क्रम में जून-जुलाई के मध्य मतदान केंद्रों का सत्यापन और पुनर्गठन का कार्य किया जाएगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी अश्विनी भगत ने कहा कि किसी भी बूथ पर एक से अधिक स्थानों पर नाम जुड़ने, राज्य के बाहर जाने और उनके नाम मतदाता सूची में होने और मृत्यु के बाद भी मतदाता सूचियों में नाम दर्ज जैसी शिकायतें नहीं पाई गई हैं। उन्होंने आश्वस्त करते हुए कहा कि ऐसी शिकायत मिलने पर विभाग और संबंधित अधिकारियों द्वारा अविलंब कार्य की जाएगी।





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