जैसलमेर। यदि आप भी चिकित्सकों को छोड़कर झोला छाप या नीम हकीम के पास जाकर दवा लेते हैं और अपना इलाज कराते हैं, तो सावधान हो जाइए। इस खबर को पढ़कर आपको भी हैरानी हो होगी। नीम हकीम के इलाज में एक व्यक्ति ऐसा फंसा कि उसको अपनी जान से हाथ धौना पड़ा। मामला पोकरण के भिखोडाई गांव से जुड़ा है, जहां नीम हकीम इलाज करने के नाम पर व्यक्ति की सांसे लील गया।व्यक्ति की मौत के बाद मामला उजागर हुआ तो परिजनों की नींद टूटी। अब परिजनों ने नीम हकीम पर गलत इलाज करने का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि अगर झोला छाप गलत इंजेक्शन नहीं देता तो शायद उसकी जान बच सकती थी।
विरोध इतना कि पकड़ा जाए नीम हकीम
नीम हकीम के इलाज की खबर शहर में हवा की तरह फैल गई। इसके बाद फलसुण्ड अस्पताल के बाहर लोगों की भीड़ जुट गई। नीम हकीम के इलाज के विरोध में लोग सड़क पर उतर कर अब विरोध जता रहे हैं। मामले ने इतना तुल पकड़ा कि करणी सेना के पदाधिकारी भी घटनास्थल पर पहंचकर नीम हकीम को गिरफ्तार करने की मांग कर रहे हैं। लोगों में आक्रोश इतना बढ़ गया है कि नीम हकीम के इलाज के नाम पर ठग रहे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग करने लगे हैं।
गलत इंजेक्शन से मौत का आरोप
एक गलत इंजेक्शन से हुई व्यक्ति की मौत की भनक लगते ही झौला छाप मौके से फरार हो गया। वहीं परिजनों ने पुलिस में मामला दर्ज कराया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच करने में जुटी है। वहीं मृतक के शव को फलसुण्ड अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है।मृतक झलोड़ा भाटियान गांव का निवासी बताया जा रहा है।
ये बरतें सावधानी
अगर आप भी किसी बीमारी से पीड़ित हैं, तो झौला छाप या नीम हकीम के पास न जाएं। बावजूद इसके चिकित्सक से इलाज करावें। चिकित्सक से इलाज कराने से आपके व आपके परिवार के लिए सही साबित होगा। और रिजल्ट सकारात्मक देखने को मिलेगा। वरना नीम हकीम एक के बाद एक की जान पर ऐसे ही खेलते रहेंगे।





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