अलवर।
यौन शोषण के आरोप में जेल में बंद फलाहारी बाबा की तबियत रविवार को अचानक से खराब हो गई। इसपर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गौरतलब है कि बिलासपुर की छात्रा से दुष्कर्म के आरोप में फलाहारी बाबा न्यायिक अभिरक्षा में चल रहे हैं। जेल के अधिकृत सूत्रों के अनुसार फलाहारी बाबा की सुबह अचानक तबियत बिगड़ गई जिसके कारण उन्हें अस्पताल लाया गया जहां उनका ब्लड टेस्ट ,शुगर, खांसी के कारण बलगम की जांच की गई। चिकित्सकों के अनुसार जांच रिपोर्ट नॉर्मल आई है। चिकित्सकों के अनुसार बाबा को कमजोरी की वजह से अस्पताल में भर्ती कराया गया है ओर उन्हें सब्जियां और फल व दूध लेने की सलाह दी गई है।
नहीं मिल रही है राहत
फलाहारी बाबा को बार-बार कोशिशों के बाद भी कोई अदालती राहत नहीं मिल रही है। राजस्थान के अलवर की सेन्ट्रल जेल में बंद फलाहारी बाबा की हाल ही में जमानत याचिका को राजस्थान हाईकोर्ट ने खारिज किया था। बाबा की ओर से दायर याचिका को जस्टिस पंकज भंडारी की अदालत ने खारिज किया था।
जानिए.. कौन है फलाहारी बाबा
फलाहारी बाबा का पूरा नाम जगद्गुरु रामानुजाचार्य श्रीस्वामी कौशलेंद्र प्रपन्नाचारी फलाहारी महाराज है। ये रामानुज संप्रदाय से साधु माने जाते हैं। अलवर में इनका व्यंकटेश दिव्य बालाजी धाम आश्रम है। वहां हर दिन भक्तों की भीड़ रहती है। फलाहारी बाबा अलवर में गौशाला भी चलाते हैं। कुंभ में शिविर लगाते हैं और संस्कृत के जानकार माने जाते हैं। कुछ समय पहले इन्होंने आश्रम में श्री व्यंकटेश की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की थी। इसमें बड़ी तादाद में श्रद्धालु और विशिष्ठ लोग आए थे।
ऐसे बिलासपुर पहुंचा परिवार
कुछ ग्रामीणों ने बताया, युवती के पिता करीब 20 साल पहले गांव में ही परिवार साथ रहते थे। उस दौरान परिवार की माली हालत ठीक नहीं थी। लिहाजा, वे निजी नौकरी करते थे। इसी नौकरी के दौरान उन्हें ठेके का एक काम मिल गया। ठेके लेते लेते वे बिलासपुर की ओर पहुंच गए, जहां बाद में पूरा परिवार शिफ्ट कर लिया।
यह है मामला
राजस्थान के अलवर के संत कौशलेंद्र फलाहारी महाराज पर बिलासपुर की एक युवती ने बलात्कार का आरोप लगाया। उसने बिलासपुर महिला थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई। इस पर बाबा को गिरफ्तार कर लिया गया था। आरोप लगाने वाली युवती मूल रूप से मैहर के पास स्थित एक गांव की रहने वाली है





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