अजमेर
सफाई कर्मचारी भर्ती में वाल्मीकि समाज को प्राथमिकता दिए जाने की मांग को लेकर दूसरे दिन भी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल जारी रही। इससे शहर में जगह जगह कचरे ढेर लगे रहे। गली मोहल्ला व मुख्य सड़कों पर झाड़ू नहीं लगी। अपने घरों पर डोर टू डोर कचरा लेने आने वाले वाहन का इंतजार करते लेकिन वाहन नहीं आया इससे कचरा संग्रहण नहीं हो सका। हड़ताले के कारण शहर में नाले व नालियों की सफाई का काम भी बंद है।
सफाई नहीं होने से बाजारों में नाले व नालियों से निकला सड़क कचरा सड़क पर फैला रहा। कचरा नहीं उठने से कचरा डिपो व कंटेनर सड़ाध मार रहे हैं। इनकके आसपास दिनभर सूअरों व गायों का जमावड़ा लगा रहा। हड़ताल में निगम के 420 स्थाई कर्मचारी तथा ठेके के 1900 कार्मिक शामिल है।
नगर निगम में आमसभा का आयोजन
इस मुद्दे को लेकर बुधवार को भी निगम की चारो सफाई कर्मचारी यूनियनों से आम सभा का आयोजन कर आन्दोलन की रूपरूखा तय की। बैठक में जानकारी दी गई कि सफाई कर्मचारी भर्ती के मुद्दे को लेकर डीएलबी के साथ हो रही वार्ता की जानकारी दी गई। कर्मचारियों को एक जुट रहने तथा आन्दोलन को सफल बनाने की अपील की गई।
आम सभा में भारतीय मजदूर संघ के अध्यक्ष नौरतमल डेंडवाल,अखिल राजस्थान सफाई मजदूर कांग्रेस के अध्यक्ष सत्यनारायण लखन, कामदार यूनियन के अध्यक्ष धनराज हाड़ा, अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस के अध्यक्ष ओम प्रकाश गोयल शामिल हुए व पदोधिकारी सहित बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी शामिल हुए।
व्यवस्था हो रही खराब
सफाई नहीं होने से शहर के हाल खराब होने लगे हैं। कई जगह नालों से गंदा पानी बह रहा है। जगह-जगह कचरे के ढेर लगने शुरू हो गए हैं। सफाई कर्मचारियों ने दो दिन से झाड़ू को हाथ नहीं लगाया है। सरकार और नगर निगम भी मूक दर्शक बने हुए हैं। उनके पास समस्या सुलझाने के कोई उपाय नहीं है। यही हाल रहा तो आंदोलन ज्यादा दिन चल सकता है।





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