अजमेर
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव व पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि वह किसी पद पर रहें या न रहें अपने अनुभवों से पार्टी हित में काम करते रहेंगे। गहलोत मंगलवार को अजमेर के सर्किट हाउस में पत्रकारों से मुखातिब थे। उन्होंने कहा कि उनकी जन्म स्थली व कर्म स्थली जोधपुर है। उन्हें कुछ लोग पंजाब, कर्नाटक दिल्ली का होना बताते हैं लेकिन मैं थासूं दूर नहीं की भावना के साथ वह सदैव राजस्थान की सेवा करते रहेंगे।
गहलोत ने कहा कि प्रदेश में भाजपा के कुशासन की पोल खुल गई है और जनता असलियत जान चुकी है। भाजपा को प्रदेश में पूर्ण बहूमत दिया था लेकिन जनता की अपेक्षाओं पर पानी फिर गया है। कांग्रेस शासन में अकाल प्रबंधन पेयजल, बिजली, चिकित्सा आदि की सुविधाएं बेहतर रहीं लेकिन मौजूदा समय में प्रदेश के हालात बिगड़ गए हैं। मुख्यमंत्री राजे का नकारात्मक रवैया आने वाले चुनाव में भाजपा को भुगतना पड़ेगा। कांग्रेस शासन में शुरू की गई रिफाइ्रनरी, कोच फैक्ट्री, ब्राडगेज व मुफ्त दवाईयों जैसी कल्याणकारी योजनाओं को बंद किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब नरेन्द्र मोदी आएं या अमित शाह जयपुर में मकान लेकर रहें इससे कोई फर्क नहीं पडऩे वाला। जनता आने वाले चुनाव में भाजपा को सबक सिखाने को तैयार है।
सरकार के रवैए का हाल यह है कि विधायक की नहीं सुनी जा रही। अंसतोष की पराकाष्ठा है। सरकार के रवैए की उन्हीं के पार्टी के कद्दावर नेता घनश्याम तिवारी के इस्तीफे ने मोहर लगा दी है। गहलोत ने कहा कि तिवारी या ओम माथुर प्रदेशाध्यक्ष या राष्ट्रीय अध्यक्ष स्तर के नेता हैं जिनकी धज्ज्यिां उड़ाते हुए उन्हें चार साल से कोने में बिठाए रखा है। यह अघोषित इमरजेंसी के हालात हैं। भ्रष्टाचार की हदें पार हो चुकी हैं। हाईकमान व सरकार मिल कर प्रदेश की संपदा को लूटने पर आमादा है।
राजे को मुख्यमंत्री बनाने को भूल बताया था शेखावत ने
उन्होंने ने दावा किया कि पूर्व उपराष्ट्रपति व भाजपा के नेता भैरोंसिंह शेखावत ने राजे को मुख्यमंत्री बनाने को सबसे बड़ी भूल बताते हुए यह बयान सार्वजनिक दिया था। उन्होंने कहा कि मोदी के नाम पर सत्ता में आईभाजपा ने युवाओं को गुमराह किया, नौकरियों के झांसे दिए। अब आगामी चुनाव में भाजपा की हार निश्चित है।
सुरक्षा संबंधी बातें सार्वजनिक नहीं की जातीं
गहलोत ने कहा कि सर्जिकल स्ट्राईक जैसे मामले गोपनीय होते हैं। दूसरे देशों से राजनयिक संबंधी निर्धारित मापदंडों पर होते हैं। इन्हें आमजन को बताने की आवश्यकता नहीं होती। इसमें भी भाजपा ने गिमिक्स की कोशिश की है। एक के बदले दस सिर काटने , महंगाई, डीजल पैट्रोल की दरें कम करने, 2 करोड़ को नौकरी जैसे जुमलों से सत्ता में आईभाजपा की हार तय है।
आरएसएस खुल कर सामने आए
गहलोत ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के पर्दे के पीछे रह कर राजनीति करना छोड़े। जब वह पीएम सीएम, निकाय प्रमुखों की नियुक्ति में हस्तक्षेप करती है तो उन्हें भी सामने आकर राजनीति करना चाहिए। सांस्कृतिक संगठन के नाम पर गौ सेवा, राम मंदिर,हिंदुओं की बातें करने वाली आरएसएस को पर्दे के बाहर आकर राजनीति करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने कभी भी किसी दल को मुक्त करने की बात नहीं की वरन उन्होंने कहा कि लोकतंत्र मेंं सभी दलों को आगे आने का हक हैं, देश हित की बात करें। देश के लोगों को भय, घृणा व हिंसा स्वीकार नहीं है। सभी वर्ग असुरक्षित महसूस करने लगे हैं।
इन्होंने किया स्वागत
सर्किट हाउस पर कांग्रेसी नेताओं नाथूराम सिनोदिया, डॉ श्रीगोपाल बाहेती, राजकुमार जयपाल, ललित भाटी, बाबूलाल नागर, शहर कांग्रेस अध्यक्ष विजय जैन, सौरभ बजाड़,सुकेश कांकरिया, विवेक पाराशर, दामोदर शर्मा, शैलेन्द्र अग्रवाल, धर्मेन्द्र राठौड़, महेन्द्र चौधरी, कुलदीप कपूर, विजय नागौरा, विपेन्द्र चारण, रणजीत मलिक, रेखा कंवर, मंजू बलाई,श्मशुद्दीन, मोहम्मद शक्की, राजकुमार गर्ग आदि मौजूद रहे।





No comments:
Post a Comment