उदयपुर . शहर की दूधतलाई में मंगलवार सुबह नहाते समय गहराई में चले जाने पर डूबने से एक उदीयमान क्रिकेटर की मौत हो गई। रोज सुबह-शाम कड़ी मेहनत व लगन से अपने खेल को निखारने में जुटे इस क्रिकेटर के असामयिक निधन पर किसी को विश्वास नहीं हुआ। परिजन, रिश्तेदार व कोच तक इस बात से सकते में हैं कि वह सुबह प्रेक्टिस के बजाय दूधतलाई तक कैसे पहुंच गया।
1- साइकिल से पहुंचता था एकेडमी
गगन को बचपन से ही क्रिकेट का बड़ा शौक था। लखारा चौक में जूते-चप्पल की दुकान चलाने वाले पिता आर्थिक स्थिति कमजोर होने से उसे क्रिकेट की कोचिंग करवाने में असमर्थ थे। वंडर एकेडमी के हेड कोच मनोज चौधरी ने बताया कि गगन की आर्थिक स्थिति को देखते हुए एकेडमी उसे नि:शुल्क कोचिंग दे रही थी। वह रोज साइकिल लेकर प्रेक्टिस के लिए एकेडमी पहुंचता था। वह सुबह 7 से 10 व शाम को 4 से 8 बजे तक मैदान पर काफी पसीना बहाता था। स्कूल स्तर पर नेशनल खेल चुका गगन अभी अंडर-19 लेवल की तैयारी कर रहा था।
2- रात ही बात हुई
चौधरी ने बताया कि सोमवार रात आठ बजे ही गगन ने अंडर-19 की तैयारी के बारे में चर्चा की और कहा था कि अभी कुछ और मेहनत करनी है। सुबह 8 बजे उसकी मौत की खबर ने चौंका दिया। एकाएक विश्वास ही नहीं हो रहा है कि गगन उनके बीच नहीं रहा। स्वभाव से सरल व मिलनसार गगन अपने गेम पर काफी फोकस कर रहा था, उसके गेम को देखते हुए काफी उम्मीद थी कि वह जल्दी ही स्टेट लेवल पर खेलेगा।
3- स्कोरिंग, अम्पायरिंग से निकालता खर्ची
घर की सबसे बड़ा होने से तथा माली हालत खराब होने से गगन अलग-अलग जगह होने वाले मैच में स्कोरिंग व अम्पायरिंग कर खर्ची निकालता था। उन्हीं पैसों से वह अपना क्रिकेट का सामान खरीदता था। पत्रिका पाई ओलम्पिक में भी गगन ने अच्छा प्रदर्शन किया था। उसकी मौत से एकेडमी के सदस्य भी स्तब्ध हैं।





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