लोकेश रोघा
अलवर. अलवर के लाल ने नेपाल के काठमांडू में आयोजित इंटरनेशनल एथलेटिक्स प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है। अलवर के मुंडावर निवासी प्रदीप कुमार में 2 जून को आयोजित 1500 मीटर रेस को सबसे कम समय में पूरा कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। प्रदीप ने इस रेस को पूरा करने में 4 मिनट 3 सैकंड का समय लिया। भारतीय टीम का नेतृत्व करने वाले प्रदीप कुमार की उम्र 18 साल है।
काफी मेहनत से पाया यह मुकाम
प्रदीप कुमार ने काफी मेहनत कर इस मुकाम को हासिल किया है। प्रदीप कुमार का जन्म एक गरीब परिवार में हुआ। वे जब सातवीं कक्षा में पढ़ते थे, तब उनके बड़े भाई ने उन्हें दौड़ का अभ्यास करने की सलाह दी। घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण परिजनों ने प्रदीप को बहन के ससुराल सीकर रहने के लिए भेज दिया। प्रदीप वहीं स्कूल के ग्राउंड में दौड़ का अभ्यास करता रहा।
मित्र की सलाह पर एकेडमी में लिया प्रवेश
प्रदीप के कठिन परिश्रम को देखते हुए एक मित्र ने उन्हें एकेडमी में प्रवेश लेने की सलाह दी। प्रदीप ने बानसूर में एक एकेडमी में प्रवेश लिया। वहां प्रदीप के कड़े परिश्रम को देखते हुए उनके गुरु राकेश गुर्जर ने इसी वर्ष 28 व 29 मार्च को झारखंड के टाटानगर में आयोजित राष्ट्रीय खेलों में भेजा। वहां प्रदीप ने दूसरा स्थान प्राप्त किया।
इंटरनेशनल गेम में हुआ चयन
प्रदीप के झारखंड में अच्छे प्रदर्शन की बदौलत राष्ट्रीय टीम में चयन किया गया। जहां प्रदीप ने स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है। प्रदीप की जीत के बाद उनके परिजनों व गांव में खुशी का माहौल है। प्रदीप बताते हैं उन्हें केवल इस बात का दुख है कि प्रशासन व सरकार इस उपलब्धी के बाद भी मदद नहीं कर रहे हैें। प्रदीप अब गांव के खेल मैदान में ही अभ्यास कर रहे हैं।





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