नर्इ दिल्ली। जहां एक आेर रियल सेक्टर हालत बद से बद्तर होती जा रही है वहीं दूसरी आेर अपने आशियाने के इंतजार में लोगों का सब्र जवाब देने लगा है। जिसका असर सड़कों पर निकलने वाली रैलियों आैर रियल एस्टेट कंपनियों के बाहर होने प्रदर्शनों से आसानी से लगाया जा सकता है। लेकिन केंद्र सरकार की आेर से केंद्रीय शहरी एवं आवास मामलों के मंत्री की आेर से एक एेसा बयान आया है जो आपको खुश कर सकता है। केंद्रीय मंत्री के इस बयान से लोगों को काफी राहत मिल सकती है। आइए आपको भी बताते हैं कि केंद्रीय मंत्री की आेर से क्या बयान दिया गया है?
जल्द खत्म होगी समस्याएं
केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शुक्रवार को रियल स्टेट क्षेत्र की समस्याओं का समधान करने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि सरकार घर खरीदने वालों और घर बनाने वाले रियल स्टेट क्षेत्र के लोगों की समस्याओं व शिकायतों का जल्द परामर्श के जरिए समाधान करेगी। मंत्री ने कहा कि सरकार ने देश के पश्चिमी, पूर्वी और दक्षिणी क्षेत्रों में भवन निर्माताओं और खरीदारों से परामर्श शुरू करने और उनकी समस्याओं को सुलझाने के लिए पहले ही सलाहकार समितियों का गठन किया है, ताकि बिना विलंब किए सस्ता मकान सुलभ हो सके।
यहां दे रहे थे बयान
पुरी ने कहा कि रियल स्टेट रेग्युलेटरी अथॉरिटी (रेरा) और भवन निर्माताओं से जुड़े मुद्दों को भी सलाहकार समिति के सदस्य सुलझाएंगे। पुरी यहां नेशनल रियल स्टेट डेवलपमेंट काउंसिल (नारेडको) की ओर से आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि निर्माण क्षेत्र का देश के सकल घरेलू उत्पाद और रोजगार सृजन में महती योगदान है, इसलिए केंद्र सरकार इस क्षेत्र की चिंताओं व समस्याओं का समाधान करने को लेकर प्रतिबद्ध है।
दिल्ली एनसीआर में हालत खराब
अगर बात दिल्ली एनसीआर में रियल एस्टेट सेक्टर की करें तो हालत काफी खराब है। लाखों लोगों के मकान प्रोजेक्ट्स पूरा ना होने की वजह से अधूरे पड़े हुए हैं। वहीं दूसरी आेर लाखों मकान एेसे हैं जो बिकने का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन उन्हें खरीददार तक नहीं मिल रहा है। वहीं दूसरी आेर रियल एस्टेट कंपनियां तमाम तरह के आकर्षक आॅफर निकाल रहे हैं। जिसके बाद भी कोर्इ मकान बिकने को तैयार नहीं है। यही हालात देश के दूसरे राज्यों के भी हैं। अब देखने वाली बात होगी कि आखिर केंद्रीय मंत्री के इस बयान के बाद लोगों को कब राहत मिलती है।





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