राजेन्द्र सिंह नरुका
राजस्थान भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष मदनलाल सैनी ने राज्य में होने वाले विधानसभा चुनावों में जीत को सबसे बड़ी चुनौती बताया है। सैनी ने दावा किया है कि वे कार्यकर्ताओं के सहयोग के बूते प्रदेश में भाजपा सरकार की वापसी सुनिश्चित करेंगे और लोकसभा की सभी 25 सीटें जीतने की कोशिश भी करेंगे।
पेश हैं सैनी के साथ पत्रिका की बातचीत के अंश
पत्रिका: आपके सामने सबसे बड़ी चुनौती क्या है?
सैनी: फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती विधानसभा चुनाव हैं। पार्टी नेतृत्व की ओर से तय किए गए १८० सीट जीतने के लक्ष्य को पाना ही उनका ध्येय रहेगा। इसके लिए वे प्रदेश के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं साथ लेकर चलने की कोशिश करेंगे और यह लक्ष्य हर हाल में हासिल करेंगे।
पत्रिका: प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति में ढाई माह का समय लगने का क्या कारण था?
सैनी: मेरी नजर में ऐसा कोई कारण नहीं है। केन्द्र व राज्य के नेतृत्व के बीच आपसी रजामंदी बनाने में समय लग जाता है, इसमें किसी तरह की राजनीति नहीं थी। वैसे भी कर्नाटक चुनावों में नेतृत्व की व्यस्तता की वजह से यह फैसला टाल दिया गया था!
पत्रिका: चर्चा में कई नाम होने के बावजूद पार्टी ने आप पर ही भरोसा क्यों जताया?
सैनी: पार्टी ने मुझमें कुछ तो देखा होगा। मैं पिछले चालीस साल से पार्टी का भरोसेमंद सिपाही रहा हूं। पार्टी ने मुझे जो भी जिम्मेदारी दी, उसका मैंने ईमानदारी से निर्वहन किया। हो सकता है पार्टी ने इसी वजह से मुझ पर भरोसा जताया हो।
पत्रिका: क्या आप केन्द्र और राज्य नेतृत्व के बीच समन्वय बना पाएंगे?
सैनी: प्रदेश अध्यक्ष पार्टी का राज्य में चेहरा होता है और वह केन्द्रीय नेतृत्व के निर्देशों के अनुरूप ही काम करता है। इससे पहले जितने प्रदेश अध्यक्ष थे, वे भी समन्वय के साथ काम कर रहे थे। मैं भी उसी समन्वय के साथ काम करूंगा और निश्चित तौर पर इसके सकारात्मक परिणाम भी मिलेंगे।
पत्रिका: प्रदेश अध्यक्ष बनने की पहली सूचना कब मिली और आपने कैसा महसूस किया।
सैनी: मैं आज (शुक्रवार) को ही दिल्ली आया था। मीडिया में कुछ खबरें चल रही थी, इस बीच केन्द्रीय नेताओं के संदेश आने शुरू हो गए थे कि आप तैयारी रखें। इसी दौरान केन्द्रीय मंत्री पीपी चौधरी आए और उसी वक्त आलाकमान की ओर से संदेश आया कि मुझे प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। जहां तक महसूस करने का सवाल है तो मैं आज जो कुछ भी हूं, वह पार्टी की वजह से हूं और पार्टी ने मुझे इस पद के लिए चुनकर मेरी सेवाओं का पारितोषिक दिया है।
पत्रिका: अध्यक्ष का नाम घोषित होने में ढाई माह का समय लगने से कार्यकर्ताओं में घर कर गई निराशा को कैसे दूर करेंगे?
सैनी: मैं भी कार्यकर्ता ही हूं और ऐसे दौर आते-जाते रहते हैं, नियुक्ति के साथ ही निराशा आशा में बदल जाएगी, शनिवार को जयपुर पहुंच कर कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद करुंगा तो कार्यकर्ताओं में अपने आप जोश आ जाएगा।
पत्रिका: प्रदेश में सरकार के प्रति दिख रहे एंटी इंकम्बेंसी फैक्टर से कैसे निपटेंगे?
सैनी: प्रदेश सरकार ने विकास के कीर्तिमान बनाए हैं। जहां तक एंटी इंकम्बेंसी का सवाल है तो यह मीडिया और विपक्ष का नकारात्मक प्रचार है। विकास के बूते मतदाताओं के सामने जाएंगे?





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