Breaking News
recent

सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ाने शिक्षा विभाग ने डेढ़ हजार शिक्षकों को लगाया, फिर भी छात्र-छात्राओं को नहीं मिल पा रहा प्रवेश

करौली.
सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ाने के लिए शिक्षा विभाग (प्रारम्भिक) ने लगभग 1500 शिक्षकों को जिम्मेदारी दी है, फिर भी नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं के नामांकन को गति नहीं मिल रही है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि नामांकन के लक्ष्य को कैसे प्राप्त किया जाएगा।

 

शिक्षा विभाग ने प्रवेशोत्सव के द्वितीय चरण में 5 हजार 312 छात्र-छात्राओं के नए नामांकन का लक्ष्य निर्धारित किया था। अब 19 जून से द्वितीय चरण भी शुरू हो गया। इसके तहत १९ जून से ३ जुलाई तक 5 हजार ३१२ विद्यार्थियों का नामांकन होना है, लेकिन तीन दिन में अभी तक मात्र 140 विद्यार्थियों का नामांकन हुआ है। नामांकन की गति काफी धीमी है। शिक्षा विभाग के सूत्रों ने बताया कि प्रत्येक अध्यापक को पांच-पांच छात्र-छात्राओं का नामांकन कराना है, लेकिन अधिकतर शिक्षक इस लक्ष्य को अभी तक प्राप्त नहीं कर सके हैं।

 

इधर स्कूलों के हालात खराब
राजस्थान पत्रिका की टीम ने माध्यमिक शिक्षा के बाद करौली शहर के प्रारम्भिक शिक्षा के दो स्कूलों में भी प्रवेशोत्सव का जायजा लिया। दोनों ही स्कूलों में हालात खराब मिले। पत्रिका की टीम 11.30 बजे राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल नम्बर पांच वजीरपुर दरवाजा पर पहुंची। इस दौरान शिक्षकों ने बताया कि नामांकन १२० का है, लेकिन मौके पर १५ विद्यार्थी भी नहीं मिले। स्कूल में खाद्यान्न का अभाव था, जिससे मिडडे मील के तहत पोषाहार का वितरण नहीं किया गया।

 

शिक्षकों ने बताया कि खाद्यान की मांग भेज दी गई है। स्वच्छ पेयजल के लिए स्थापित किया गया आरओ काफी दिन से खराब पड़ा हुआ है। इसी प्रकार बापू उच्च प्राथमिक स्कूल के हालात भी बदतर मिले। स्कूल में सात अध्यापकों के पद स्वीकृत हैं, लेकिन मौके पर संस्था प्रधान सहित दो शिक्षक मिले। किसी भी कक्षा में पढ़ाई नहीं हो रही थी। संस्था प्रधान योगेन्द्र पाल ने बताया कि कुछ देर पहले ही शिक्षक और विद्यार्थी चले गए।

 

जागरुकता कार्यक्रम में ही उदासीनता
प्रवेशोत्सव के तहत स्कूलों में रैली, स्कूल प्रबंधन समिति व स्टाफ की बैठक, विद्यार्थियों के स्वागत के कार्यक्रम होने थे, लेकिन स्कूलों में अभी तक इस प्रकार के आयोजन करने में उदासीनता बरती जा रही है। इस कारण भी लक्ष्य के अनुसार नामांकन नहीं हो रहे हैं।

 

समीक्षा करेंगे
प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में उदासीनता बरतने वाले अध्यापकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। संस्था प्रधान व अध्यापकों पर नजर रखी जा रही है। इसके अलावा नामांकन के मामले की भी समीक्षा होगी।
- देवेन्द्र पाल सिंह तोमर, जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारम्भिक) करौली



Rajasthan Darpan IFTTT

Rajasthan Darpan IFTTT

No comments:

Post a Comment

Powered by Blogger.