बाड़मेर. देश की सरहद की रक्षा करते हुए अपनी जान न्यौछावर करने वाले जिले के वीर सपूतों के शौर्य को सलाम करने के लिए राज्य सैनिक कल्याण सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रेमसिंह बाजौर की अगुवाई में शहीद सम्मान यात्रा गुरुवार को बाड़मेर पहुंची। उन्होंने शहीदों के परिजनों से मिलकर सम्मान किया। इस मौके पर बाजौर ने कहा कि आमजन शहीदों के जीवन से प्रेरणा लेकर युवा पीढ़ी को देश सेवा के लिए प्रेरित करें।
देश के 125 करोड़ लोगों की सुरक्षा के लिए सैनिक सीमा पर दुख-दर्द सहकर भी ईमानदारी से अपने कर्तव्य का निर्वाह कर युद्ध एवं आतंकवाद के खिलाफ अनुशासन से जंग लड़कर अपने जीवन की आहुति देकर मातृभूमि का ऋण चुकाकर अमर हो जाते हैं। सैनिक देश की रक्षा करते हुए अपना जीवन मातृभूमि के प्रति न्यौछावर कर देते है। उन्होंने कहा कि शहीद के ग्रामवासी भाग्यशाली होते है अत: शहीदों का सम्मान करें।
यात्रा ने किया 1 किमी से अधिक का सफर
शहीद सम्मान यात्रा पिछले 14 माह में 1312 शहीदों के घर पहुंचकर उनके परिजनों का सम्मान कर चुकी है। अब तक 30 जिलों में शहीदों के सम्मान के लिए 1 लाख 15 हजार किमी का सफ र किया गया है जो लिम्का बुक आफ रिकार्ड में दर्ज हुआ है। इस अवसर पर कर्नल जगदेवसिंह ने भारतीय सेना की वीरता के विविध पहलुओं से रूबरू कराते हुए कहा कि भारतीय सेना राष्ट्रीय एकता की प्रतीक है। उसका एक मात्र धर्म राष्ट्र सेवा है। शहीद सम्मान यात्रा में शामिल शहीद सुनील कुमार यादव के पिता सांवलराम यादव ने भारत माता की जय एवं शहीद अमर रहे के जयकारे लगाए।
परिजनों का किया सम्मान
शहीद सम्मान यात्रा ने खिपलीखेड़ा में शहीद लांस नायक मोटाराम की वीरांगना झमकू देवी, कोरना में शहीद हेमसिंह के गोद पुत्र बाबूसिंह, नेवरी में शहीद सिपाही धनसिंह की वीरांगना मोहर कंवर, रेवाड़ा जेतमाल में शहीद मंगलसिंह के भाई जेठूसिंह, मेवानगर में शहीद डिप्टी कमांडेंट भंवरसिंह की वीरांगना मोहन कुमारी, भूका में शहीद सिपाही बिशनसिंह के भाई अर्जुनसिंह एवं नोसर में शहीद सिपाही नारणाराम के भाई रामाराम को सम्मानित किया। इस दौरान जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कमांडर हरदत्त शर्मा, नागणेची माता मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष उम्मेदसिंह अराबा आदि उपस्थित थे।





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